जागरण संवाददाता, देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के संज्ञान में विभिन्न माध्यमों से यह बात आई है कि कई अस्पताल उत्तराखंड के मरीजों को बेड फुल होने की बात कहकर बैरंग लौटा रहे हैं और दूसरे राज्यों के मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। इसे गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन की खैर नहीं। इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालवार नामित किए गए नोडल अधिकारियों से रोजाना बेड की स्थिति और भर्ती मरीजों का पूरा विवरण तलब किया है।

मंगलवार को जारी प्रेस बयान में जिलाधिकारी ने कहा कि नोडल अधिकारी ऑक्सीजन, उसकी खपत व रेमडेसिविर के इंजेक्शन की स्थिति की जानकारी भी देंगे। जिलाधिकारी ने स्वयं भी वीडियो कॉल के माध्यम से अस्पतालों के बेडों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को भर्ती करने को लेकर किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा जिलाधिकारी ने उन अस्पतालों का भी विवरण मांगा है, जो तीमारदारों को रेमडेसिविर की अनुपलब्धता बता रहे हैं। दूसरी तरफ ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना की रोकथाम में प्रयुक्त हो रही दवाओं का विवरण उपलब्ध कराएं। मेडिकल प्रतिष्ठानों के स्टॉक भी जांच करने के निर्देश ड्रग इंस्पेक्टर को दिए गए हैं।

48 घंटे में वापस करें खाली सिलिंडर

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो लोग ऑक्सीजन सिलिंडर घर लेकर जा रहे हैं, वह 48 घंटे के भीतर खाली सिलिंडर सप्लायर को वापस करें। ताकि अन्य संक्रमितों को भी सिलिंडर मुहैया कराए जा सकें।

परीक्षण में यह पाया गया

  • मंगलवार को अस्पतालों को 1672 व आमजन को 222 ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराए गए।
  • प्रशासन ने 628 व एसडीआरएफ ने 217 होम आइसोलेशन कोरोना किट वितरित की।
  • होम आइसोलेशन में रह रहे 41 व्यक्तियों ने आपदा कंट्रोल रूम में कॉल कर मदद मांगी।
  • कंट्रोल रूम से होम आइसोलेशन वाले 556 व्यक्तियों से संपर्क कर उनका हाल पूछा गया।

प्रशासन करेगा मृत्युंजय अस्पताल का अधिग्रहण

नॉन कोविड अस्पताल होने के बावजूद कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने के मामले में अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल संचालक के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, सोमवार को प्रशासन की टीम ने अस्पताल पर छापा मारकर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के उपचार का मामला पकड़ा था। हालांकि, यहां पर मरीजों के लिए आइसीयू व ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल का कोविड-19 के तहत अधिग्रहण करने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, कोविड प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल की व्यवस्था का परीक्षण भी कराया जा रहा है। साथ ही वहां के चिकित्सा स्टाफ का ब्योरा भी तलब किया गया है।

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