‘धरोहर’ में दिखेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति, तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का हुआ आगाज
सीआईएमएस देहरादून में तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 'धरोहर-2026' का सोमवार को 'नवरंग' थीम के साथ शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव उत्तराखंड ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
सीआईएमएस में तीन दिवसीय 'धरोहर-2026' महोत्सव शुरू।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन।
छात्रों और लोक गायकों की प्रतिभा का मंच।
जागरण संवाददाता, देहरादून। सीआईएमएस के सांस्कृतिक महोत्सव ‘धरोहर-2026’ में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं की छटा देखने को मिलेगी। तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इस वर्ष ‘नवरंग’ थीम पर आयोजित महोत्सव में संगीत, नृत्य और कला की विविध प्रस्तुतियां होंगी। इसमें उत्तराखंड के लोक गायकों के साथ संस्थान के छात्र-छात्राएं भी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
महोत्सव में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों के साथ आधुनिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक और आमंत्रित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भरेंगे। इसके अलावा फ्रेशर समारोह में नए विद्यार्थियों का स्वागत और फेयरवेल समारोह में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को विदाई दी जाएगी।
संस्थान के चेयरमैन ललित मोहन जोशी ने कहा कि ‘धरोहर’ केवल सांस्कृतिक महोत्सव नहीं, बल्कि संस्थान की पहचान, परंपरा और विद्यार्थियों की प्रतिभा का उत्सव है। यह मंच छात्रों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और उसे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए।
सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक रमेश चंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक संजय जोशी, अकादमिक निदेशक सपना जोशी, प्रधानाचार्य विनेश्वरी, रजिस्ट्रार गुरुदेव सिंह सहित शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।