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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सामाजिक उत्‍थान में भी आगे आएं अभाविप कार्यकर्ता: धर्मेन्‍द्र प्रधान

By Gaurav KalaEdited By:
Published: Sun, 27 Nov 2016 01:20 PM (IST)Updated: Mon, 28 Nov 2016 06:30 AM (IST)

केंद्रीय मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने देहरादून में आयोजित एबीवीपी की प्रदेश स्‍तरीय कार्यशाला में कहा कि कार्यकर्ताओं को कैंपस से बाहर भी सामाजिक कार्यो में भाग लेना चाहिए।

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देहरादून, [जेएनएन]: देहरादून के वाडिया इंस्टीट्यूट में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश स्तरीय छात्रसंघ पदाधिकारी कार्यशाला का केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुभारम्भ किया। प्रदेशभर से अभाविप के नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। जहां कई विषयों पर मंथन होगा।
कार्यशाला के दौरान उत्तराखंड में युवाओं की भूमिका पर बात करते धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहाड़ का पानी और जवानी..., सिर्फ चुनावी जुमले ही बनकर न रह जाएं। यह सामाजिक प्रतिबद्धता का विषय है।
अभाविप कार्यकर्ता कैंपस से बाहर निकलकर सामाजिक उत्थान को भी आगे आएं। उनमें पहाड़ की आर्थिकी बदलने का मादा होना चाहिए। प्रधान ने कहा कि रोजगार की बात की जाए तो यहां के स्थानीय युवाओं में कई गुण अंतर निहित हैं।

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ऐसे में रोजगार के क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी काम किया जाए। वाडिया, आइआइटी रुड़की सहित तमाम अन्य संस्थान की बात करते कहा कि इनके सभागार हम भाषणों के लिए ही क्यों लें। क्यों न इन्हें माध्यम बनाकर भविष्य का एक नया खाका तैयार करें।

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युवा पीढ़ी को नसीहत देते उन्होंने कहा कि वह संवेदनशील, प्रयोगधर्मी, बदलाव को आत्मसात करने वाले बनें। वक्त के साथ अपनी रणनीतिक सोच में भी बदलाव लाना होगा। पर्यावरण, अर्थ, रोजगार आदि की भी सोचें। यह तब और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जब ताजा परिपेक्ष्य में रोजगार के मायने बदल रहे हैं। वर्तमान समय में कई ऐसी नौकरियां हैं, जो कल समाप्त हो जाएंगी।

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प्रधान ने कहा कि चीन से हमारी प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है। यह प्रतिद्वंद्विता इस बात को लेकर है कि विश्व में नेता कौन होगा। ऐसे में चीन से सटे उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे नागरिकों के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी बनती है। ताकि वह डटकर चीन से सामने खड़े हो सकें।

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कार्यशाला में अभाविप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं मुख्य वक्ता धर्मपाल ने कहा कि ऐसे वक्त जबकि छात्र संघों को बदनाम करने का षडयंत्र होता है, छात्र नेताओं को प्रयोगात्मक सोच के साथ सकारात्मक दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कैंपस का वातावरण नहीं बदला है, तो चूक हमारे ही स्तर पर है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता के आचरण में अनुशासन और कार्यों में सामूहिकता दिखाई देनी चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, विधायक हरबंस कपूर, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल गोयल, अभाविप के प्रांतीय अध्यक्ष रमाकांत श्रीवास्तव, प्रांतीय मंत्री लोकेश कालाकोटी आदि उपस्थित रहे।

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