विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CBI व IPS अधिकारी बनकर दून की बुजुर्ग महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, ठगों ने ऐंठे तीन करोड़ रुपये

Published: Fri, 20 Feb 2026 10:22 PM (IST)

देहरादून में एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर 3 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे तीन करोड़ रुपये की ठगी कर दी। इसके लिए डराया गया कि उनका मोबाइल नंबर मनी लांड्रिंग के एक केस से जुड़ा हुआ है।

गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए ठग 41 दिन तक रकम ऐंठते रहे। रकम की व्यवस्था करने के लिए बुजुर्ग महिला ने अपनी सावधि जमा तुड़वाई, गोल्ड लोन लिया और शेयर तक बेच दिए।

रकम खत्म होने के बाद पीड़िता ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डालनवाला निवासी 62 वर्षीय तनुश्री ने बताया कि उनके पति बैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं। खुद को सीबीआइ अधिकारी बताने वाले प्रदीप मिश्रा और आइपीएस अधिकारी बताने वाले सुनील कुमार गौतम ने एक सितंबर 2025 को उन्हें फोन किया।

दोनों ने बताया कि उनका एयरटेल मोबाइल नंबर 68 लाख रुपये के एक बड़े मनी लांड्रिंग मामले से जुड़ा हुआ है। इसे ब्लाक करने की बात कहकर उनसे संदीप कुमार नाम के व्यक्ति ने 68 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाकर बच्चों को भी कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी गई।

तनुश्री के अनुसार उन्हें आरबीआइ के नाम पर फर्जी दस्तावेज भेजकर दावा किया गया कि उनके फंड की जांच चल रही है। यह भी दबाव बनाया कि उनके खाते में जो भी धनराशि है उसे ट्रांसफर कर दें।

मामला सुलझने के बाद रकम उन्हें वापस कर दी जाएगी। अत्यधिक मानसिक दबाव और डर के कारण उन्होंने नौ सितंबर से 30 अक्टूबर 2025 तक अलग-अलग किस्तों में तीन करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ऐसे डराया गया

  • साइबर अपराधी उन्हें सत्यापन के नाम पर उनके घर की तस्वीरें भेजते रहे।
  • वाट्सएप पर वीडियो काल में पुलिस की वर्दी पहना व्यक्ति लगातार डराता रहा।
  • साइबर ठग हर घंटे में फोन कर जानकारी लेते रहे। उनका वाट्सएप चैट भी लाक करवा दिया।

यह भी जानें

  • पिछले 50 दिनों में डिजिटल अरेस्ट कर तीन बुजुर्गों से 5.42 करोड़ रुपये ठगे हैं।
  • घरों में अकेले रह रहे बुजुर्ग साइबर अपराधियों के साफ्ट टारगेट बन रहे हैं।
  • यह जरूरी है कि अनजान काल पर भरोसा न करें न ही किसी दबाव में आएं।
  • साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर करें।

यह भी पढ़ें- 'हर वर्ग हो रहा डिजटल अरेस्ट का शिकार...', दिल्ली HC के मुख्य न्यायाधीश ने कहा- कोर्ट व वकीलों के लिए भी चुनौती

यह भी पढ़ें- हरियाणा में रिटायर्ड बैंक कर्मी से 66 लाख की लूट, ठगों ने 2 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा डिजिटल अरेस्ट