Dehradun में देर रात बोलेरो का तांडव, 07 वाहनों को मारी टक्कर... लगा था उत्तराखंड सरकार का बोर्ड
देहरादून के चंदरनगर में उत्तराखंड सरकार के बोर्ड वाली एक तेज रफ्तार बोलेरो ने सात वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे एक युवक घायल हो गया।


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जागरण संवाददाता, देहरादून। शहर में देर रात चंदरनगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो ने कई वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे में पांच स्कूटी और दो बाइक को नुकसान पहुंचा, जबकि एक युवक को भी चोटें आईं। घटना के बाद बोलेरो में सवार चार लोग मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त बोलेरो को क्रेन की मदद से उठवाकर कोतवाली पहुंचाया। बोलेरो पर उत्तराखंड सरकार का बोर्ड लगा हुआ था। प्रारंभिक तौर पर वाहन सवारों पर शराब के नशे में वाहन दौड़ाने का आरोप लगाया जा रहा है। गुस्साए स्थानीय लोग रात को कोतवाली पहुंचे और वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात चंदरनगर क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि बोलेरो में चार लोग सवार थे। इसी दौरान वाहन ने सड़क किनारे खड़े कई दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पांच स्कूटी और दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। अचानक हुए हादसे से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना में एक युवक को भी चोटें आईं।
हादसे के बाद बोलेरो सवार चारों लोग मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों का निरीक्षण किया और बोलेरो को हटाने की व्यवस्था की। सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो को क्रेन की मदद से उठाकर कोतवाली ले जाया गया।
सरकारी बोर्ड को लेकर भी चर्चा
हादसे में शामिल बोलेरो पर उत्तराखंड सरकार का बोर्ड लगा होने के कारण मामला चर्चा में आ गया। देर रात हुए इस हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों की पहचान और उनके वाहन से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वाहन पर बोर्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
नशे में वाहन चलाने का आरोप
चंदर नगर के प्रधान जयपाल वाल्मीकि व स्थानीय लोगों की ओर से बोलेरो चालक और उसमें सवार लोगों पर शराब पीकर वाहन चलाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, चालक के नशे में होने की पुष्टि पुलिस की जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब फरार वाहन सवारों की पहचान करने व हादसे के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। हादसे में क्षतिग्रस्त दोपहिया वाहनों के मालिकों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय लोगों ने ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
