विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देहरादून में बुलडोजर एक्शन: नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, रिस्पना नदी के फ्लड जोन से हटाए अवैध निर्माण

Published: Thu, 23 Jul 2026 08:04 AM (IST)

एनजीटी के आदेश पर देहरादून नगर निगम ने रिस्पना नदी के फ्लड जोन में बने दो अवैध निर्माण ध्वस्त किए।

डालनवाला क्षेत्र में नगर निगम की ओर से ध्वस्त निर्माण। Jagran

डालनवाला क्षेत्र में नगर निगम की ओर से ध्वस्त निर्माण। Jagran

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में नगर निगम देहरादून ने रिस्पना नदी के फ्लड जोन में बड़ी कार्रवाई करते हुए डालनवाला क्षेत्र स्थित दो निर्माण ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया गया। कुछ लोग कार्रवाई के विरोध में भी आगे आए, लेकिन एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए निगम ने कार्रवाई की।

भारी विरोध के चलते पूरी नहीं हुई कार्रवाई

नगर निगम के भूमि अनुभाग के अनुसार यह कार्रवाई एनजीटी में लंबित वाद निरंजन बाकची बनाम उत्तराखंड राज्य में पारित आदेश के अनुपालन में गठित समिति के निर्देश पर की गई। अभियान के तहत डालनवाला स्थित एक सामुदायिक भवन और एक सामुदायिक शौचालय को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 16 अप्रैल 2026 को इसी अभियान के तहत अधोईवाला स्थित नगर निगम के एक सार्वजनिक शौचालय को भी हटाया जा चुका है। वहीं, डालनवाला की इन दोनों संरचनाओं को हटाने का प्रयास 20 अप्रैल 2026 को किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के भारी विरोध के चलते कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी।

बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा अभियान चलाया गया और दोनों संरचनाओं को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान नगर निगम के भूमि अनुभाग के अधिकारी, निरीक्षक व पुलिस उपनिरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

नगर निगम का कहना है कि रिस्पना नदी के फ्लड जोन को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कराने के लिए न्यायालय और एनजीटी के आदेशों के अनुरूप अभियान आगे भी जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें- गंगा किनारे कथित अवैध निर्माण, एनजीटी सख्त; डीएम को सख्त कार्रवाई के निर्देश

यह भी पढ़ें- नोएडा के जलाशयों पर एनजीटी सख्त, डीएम से मांगी अतिक्रमण की पूरी रिपोर्ट