जागरण संवाददाता, देहरादून। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पोक्सो मीना देओपा की अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 12 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से 15 हजार रुपये पीडि़त को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि इस घटना की शिकायत 25 जनवरी 2020 को पीडि़ता की मां ने शहर कोतवाली में की थी। इसमें बताया गया कि 24 जनवरी को रात करीब एक बजे उनकी 15 साल की बेटी को रजत निवासी ओगल भट्ठा टर्नर रोड अपहरण करके कहीं ले गया है। पुलिस ने रजत का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन बदलापुर (मुंबई) में मिली।

इसके बाद 28 जनवरी को पुलिस ने रजत को मुंबई से गिरफ्तार करने के साथ ही नाबालिग को सशकुल बरामद कर लिया। किशोरी ने बयान में बताया कि रजत उसे बहला-फुसलाकर मुंबई ले गया था। वहां रजत ने उसे एक रिश्तेदार के घर में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। शहर कोतवाली पुलिस ने रजत के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अदालत ने गुरुवार को रजत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पहले भी की थी शिकायत

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि रजत के खिलाफ किशोरी की मां ने पहले भी बेटी का पीछा करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। तब रजत ने भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया था, जिसके आधार पर धारा चौकी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। हालांकि, रजत अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।

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Edited By: Raksha Panthri