देहरादून के रायवाला में पुश्तैनी जमीन विवाद में बेटी ने प्रेमी संग मिलकर की मां की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा
रायवाला में 65 वर्षीय महिला खजानी देवी की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए उनकी बेटी शिल्पा थापा और ...और पढ़ें
-1790424287123_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, जागरण रायवाला। रायवाला के मोतीचूर में बीते सोमवार को 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका की बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने और जमीन बेचे जाने से नाराज बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की साजिश रची थी।
कोतवाली रायवाला के प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि बीते 22 सितंबर को संजय पुण्डीर निवासी ग्राम काटल, भोगपुर ने रायवाला थाने में तहरीर दी थी कि उनकी मां खजानी देवी (65) शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर स्थित किराये के मकान में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ रहती थीं।
21 सितंबर को वह लापता थीं और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। ताला तोड़कर अंदर जाने पर खजानी देवी बाथरूम में मृत मिलीं। मामले में घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गयी और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की जानकारी जुटाई।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को खजानी देवी की बेटी शिल्पा थापा का अपनी मां और भाई के साथ पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद होने की जानकारी मिली।
साथ ही शिल्पा के परिचित शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू निवासी ग्राम करोंदी, थाना भगवानपुर, हरिद्वार, की घटना से पहले मृतका के घर के आसपास मौजूदगी भी सामने आई।
थानाध्यक्ष के अनुसार घटना के बाद शिवनारायण का मोबाइल फोन बंद था। उसकी तलाश में रायवाला, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल व धर्मशालाओं तथा लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 25 सितंबर को शिवनारायण पाण्डे को हरिद्वार स्थित शांति कुंज आश्रम से गिरफ्तार किया। उनका दावा है कि पूछताछ में शिवनारायण ने शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की।
उसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर 26 सितंबर को शिल्पा थापा को भी शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर रायवाला से गिरफ्तार कर लिया।
जमीन में हिस्सा पाने के लिए रची गई साजिश
थानाध्यक्ष के मुताबिक, शिल्पा ने शिवनारायण को बताया था कि उसकी मां के नाम ग्राम काटल गडूल, रानीपोखरी में पुश्तैनी जमीन है, जिसे उसकी मां और भाई बेच रहे हैं। जमीन अथवा जमीन बेचने से मिलने वाली रकम में उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा था।
शिल्पा ने शिवनारायण को यह भी बताया था कि खजानी देवी उसकी सौतेली मां हैं। उसने मां को रास्ते से हटाने के बाद जमीन में मिलने वाले हिस्से को बेचकर उसके साथ गृहस्थी बसाने का लालच दिया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि शिवनारायण और शिल्पा की मुलाकात मार्च 2026 में हरिद्वार के भूपतवाला स्थित एक होटल में हुई थी, जहां दोनों काम करते थे।
इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। शिवनारायण बाद में नौकरी के सिलसिले में मुंबई चला गया, लेकिन दोनों लगातार संपर्क में रहे। थानाध्यक्ष मोहन सिंह के अनुसार, 19 सितंबर को शिवनारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने उनके घर गए थे, जहां दोनों के संबंधों और पैसों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद शिल्पा ने कथित तौर पर शिवनारायण को मां की हत्या के लिए तैयार किया।
घर पहुंचकर की हत्या, बाहर से लगाया ताला
योजना के तहत 21 सितंबर को शिवनारायण खजानी देवी के घर पहुंचा और मौका पाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद मकान के गेट पर बाहर से ताला लगाकर वहां से फरार हो गया। घटना के बाद उसने शिल्पा को इसकी जानकारी दी और उसके कहने पर हरिद्वार के शांति कुंज में छिप गया।
