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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत बंद के दौरान हरिद्वार में बवाल, पथराव और फायरिंग में 28 घायल

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 02 Apr 2018 10:26 AM (IST)Updated: Tue, 03 Apr 2018 03:27 PM (IST)

दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान हरिद्वार जिले में पूरे दिन जमकर बवाल हुआ। पथराव और फायरिंग में एसपी ...और पढ़ें

भारत बंद के दौरान हरिद्वार में बवाल, पथराव और फायरिंग में 28 घायल
भारत बंद के दौरान हरिद्वार में बवाल, पथराव और फायरिंग में 28 घायल

देहरादून, [जेएनएन]: दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान हरिद्वार जिले में पूरे दिन जमकर बवाल हुआ। पथराव और फायरिंग में एसपी क्राइम और एक चौकी इंचार्ज समेत 28 लोग चोटिल हो गए। रुड़की-दिल्ली हाईवे पर मंगलौर के पास सड़क किनारे खड़ी रोडवेज की एसी बस को उपद्रवियों ने आग लगा दी। जबकि जिलेभर में कई दुकानों और मकानों के साथ ही 50 से ज्यादा वाहनों में तोडफ़ोड़ की गई। रुड़की के निकटवर्ती गणेशपुर इलाके में दुकानें बंद कराने को लेकर दो पक्षों में टकराव हुआ। यहां फायरिंग और पथराव में आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए। पुलिस ने हवाई फायर और लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को तितर-बितर किया। पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। 

बहादराबाद में सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एसपी क्राइम और एक चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिस कर्मी घायल हो गए। देर शाम रुड़की-दिल्ली हाईवे पर मंगलौर के पास सड़क किनारे खड़ी बस को उपद्रवियों ने आग लगा दी। साथ ही पुलिस उपाधीक्षक के वाहन के शीशे तोड़ डाले। इससे पहले दोपहर भगवानपुर में देहरादून से दिल्ली जा रही दो वाल्वो बसों में भी तोडफ़ोड़ की गई। हालात बिगड़ते देख कई जगह डीएम दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने मोर्चा संभाला। देर शाम मंडलायुक्त और डीआइजी भी रुड़की में कैंप करने पहुंच गए। इस बीच, देर शाम जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

​​​​​इधर, राज्य के अन्य शहरों में बंद का आंशिक असर रहा। दलित संगठनों ने जुलूस-प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों की दहशत के चलते कुछ जिलों में बाजारों के बंद और खुलने का क्रम चलता रहा। बाजारों में व्यापारियों से नोकझोंक भी हुईं। कुछ स्थानों पर रेल यातायात बाधित करने की भी कोशिशें हुई।

रुड़की में बंद ने हिंसक रूप लिया। मामला उस समय तूल पकड़ा जब प्रदर्शन कर रही भीड़ में शामिल कुछ लोग गणेशपुर में रेलवे रोड स्थित एक होटल बंद कराने पहुंचे। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। इसी बीच दोनों तरफ से मारपीट और पथराव शुरू हो गया। कुछ उपद्रवियों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में मोहम्मदुर कलियर निवासी शिवानंद की ठोडी तथा बेलड़ा निवासी रिक्शा चालक कय्यूम और एक बच्चा घायल हो गया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई। उन्होंने कई दुकानों और मकानों में घुसकर तोड़फोड़ की।

 

मामला यहीं नहीं थमा। भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पथराव कर पुलिस को दौड़ा दिया। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर हालात कर काबू पाया। पथराव में गंगनहर कोतवाली के दारोगा नवीन पुरोहित, पीएसी के जवान प्रदीप कुमार समेत दस से अधिक लोग घायल हो गए।

बहादराबाद में प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। हंगामा शांत कराने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी। पथराव में एसपी क्राइम टीसी मंजूनाथ और चौकी इंचार्ज अभिनव कुमार सहित करीब 10 पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। एसएसपी के अनुसार जिलेभर में विभिन्न घटनाक्रमों में 18 पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं, सभी का मेडिकल कराया गया है। फिलहाल किसी के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं किए गए।

वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि स्थिति पर नजदीकी नजर रखी जा रही है। जायजा लेने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को रुड़की रवाना किया गया है।

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