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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वन मंत्री से वार्ता के बाद 15 दिन आंदोलन स्थगित

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 29 Mar 2018 09:13 PM (IST)Updated: Sat, 31 Mar 2018 05:07 PM (IST)

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वन मंत्री से वार्ता के बाद 15 दिन आंदोलन स्थगित
वन मंत्री से वार्ता के बाद 15 दिन आंदोलन स्थगित

देहरादून, [जेएनएन]: दो सूत्री मांग को लेकर चल रहा वन आरक्षी और वन वीट अधिकारियों का आंदोलन वन मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता के बाद 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 14 अप्रैल तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो अगले दिन से दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। 

विभाग में सीधी भर्ती के निर्णय के विरोध और प्रमोशन में दस साल की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर वन आरक्षी व वन बीट अधिकारी कई दिनों से कार्यबहिष्कार कर वन मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की पहल के बाद गुरुवार को वन आरक्षी, वन वीट अधिकारी संघ की वन मंत्री हरक सिंह के साथ यमुना कॉलोनी स्थित उनके आवास में वार्ता हुई।

वार्ता में वन मंत्री हरक सिंह ने वन आरक्षी और वन वीट अधिकारी के लिए शैक्षिक योग्यता इंटर विज्ञान वर्ग के स्थान पर इंटर कॉमन करने का आश्वासन दिया। साथ ही वन आरक्षी से वन दारोगा पद पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष की बाध्यता को समाप्त करने और नियमावली में संशोधन तक वन आरक्षियों के पदों पर शत प्रतिशत पदोन्नति करने की भी बात कही।

इसके बाद संघ ने आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा की। वार्ता में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह जिला अध्यक्ष ओमवीर सिंह चौधरी, वन फील्ड कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुलदीप पंवार, वन वीट अधिकारी, वन आरक्षी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पांडे, शशिवर्धन व ललित मोहन हर्वोला आदि मौजूद रहे।

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