विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देहरादून में बदमाश अकरम के दफन पर पार्षद का हंगामा, निगम प्रशासन को चेतावनी

Published: Sat, 02 May 2026 11:08 PM (GMT+05:30)

देहरादून में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपराधी अकरम को दफनाने के मुद्दे पर नगर निगम की बोर्ड बैठक में भाजपा पार्षद विशाल कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई।

मृतक बदमाश की पहचान अकरम. File Photo

मृतक बदमाश की पहचान अकरम. File Photo

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए शातिर अपराधी अकरम को दून में दफनाने के मुद्दे पर नगर निगम की बोर्ड बैठक में हंगामा हुआ। इस मामले को लेकर भाजपा पार्षद विशाल कुमार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए निगम प्रशासन को चेतावनी दी।

गौरतलब है कि 30 अप्रैल की रात प्रेमनगर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान अकरम मारा गया था, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। इस दौरान थाना प्रभारी नरेश राठौर भी गोली लगने से घायल हो गए थे।

मारे गए आरोपित का संबंध उत्तर प्रदेश के शामली जिले के पुख्तागढ़ी से बताया गया है, जिसे बाद में देहरादून के कब्रिस्तान में दफनाया गया।

इसी मुद्दे को उठाते हुए पार्षद विशाल कुमार ने बोर्ड बैठक में कहा कि ऐसे अपराधियों को नगर निगम क्षेत्र में दफनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसा होता है तो वे इसके विरोध में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की बसों को निशाना बनाकर शामली में पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं।

इस पर उन्होंने नगर निगम के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

बोर्ड बैठक के फैसलों से कर्मचारियों और शहर को मिलेगा लाभ

नगर निगम की तीन दिवसीय बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों पर वार्ड-74 ब्रह्मपुरी के पार्षद सतीश कश्यप ने खुशी जताते हुए इन्हें शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया है।

उन्होंने कहा कि महापौर सौरभ थपलियाल के नेतृत्व में हुई बैठक में कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिससे शरह और कर्मचारियों को काफी लाभ होगा।

यह भी पढ़ें- देहरादून अकरम एनकाउंटर: चोरी-दुष्कर्म और हत्या, भाई भी मुठभेड़ में हुआ था ढेर; आपराधिक इतिहास

यह भी पढ़ें- देहरादून अकरम मुठभेड़: पुलिस की कहानी में कई सवाल, उलझ रही घटना की कड़ियां