यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर साधा निशाना, कहा- उड़ाई है संविधान की धज्जियां
उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बागेश्वर जनपद के अपने भ्रमण ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बागेश्वर जनपद के अपने भ्रमण के दौरान संविधान एवं नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई, जोकि अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सोमवार को बयान जारी किया, जिसमें कहा कि मदन कौशिक बागेश्वर ना सिर्फ सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करके पहुंचे बल्कि वहां पुलिस प्रशासन ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
मदन कौशिक पूर्व में शासकीय प्रवक्ता रहने के साथ-साथ काबीना मंत्री के पद पर भी रहे हैं। अब कौशिक या तो अपने आप को संविधान से भी उपर समझने लगे हैं या अपना विवेक खो चुके हैं। दसौनी ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा कि प्रदेश के भाजपाइयों में विवाद उत्पन्न करने की होड़ सी लगी हुई है। कोई अपने बयानों से चर्चाओं में रहना चाह रहा है तो कोई अपने कृत्यों से। दसौनी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को क्या उन्हें इतना भी ज्ञान नहीं है कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सरकारी सुविधाएं और गार्ड ऑफ ऑनर किसी भी दल के प्रदेश अध्यक्ष को नियम के तहत लागू नहीं है।
महिलाओं ने सीएम के बयान के विरोध में किया प्रदर्शन
द ब्रेव वूमन संगठन ने मुख्यमंत्री के खिलाफ गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकाली। कार्यकर्त्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं के पहनावे को लेकर गलत टिप्पणी की है। सोमवार को द ब्रेव वूमन संगठन की प्रमुख समीक्षा वर्मा के नेतृत्व में संगठन से जुड़ी महिलाएं दोपहर 12 बजे गांधी पार्क के गेट पर एकत्रित हुईं। यहां करीब आधा घंटा प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने गांधी पार्क के सामने ही महिलाओं को रोकने का प्रयास किया। इस पर महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई।
इसके बाद करीब सवा एक बजे महिलाएं मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए आगे बढ़ीं। हालांकि, हाथीबड़कला में पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रैली को रोक लिया। इस दौरान समीक्षा वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो मुख्यमंत्री महिलाओं के पहनावे पर गलत टिप्पणी करते हैं और विरोध जताने पर पुलिस भी महिलाओं की आवाज दबाने को आतुर है। अलीशा ने कहा कि मुख्यमंत्री को महिलाओं के पहनावे के बजाये राज्य की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद सीओ जूही मनराल को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन दिया और अपना धरना समाप्त किया। इस दौरान लक्ष्मी वर्मा, अलीशा, दीपिका नेगी, दीपाली, कृतिका, साक्षी, टेनी, मयंक, मानव, रमन आदि शामिल रहे।
