गैरसैंण में कांग्रेस का हल्ला बोल, विधायकों ने अंकिता को न्याय और भ्रष्टाचार पर सरकार को विधानसभा में घेरा
कांग्रेस विधायकों ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के पहले दिन अंकिता भंडारी को न्याय, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर धरना ...और पढ़ें
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समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, जागरण गैरसैंण। अंकिता भंडारी को न्याय, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई समेत तमाम मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही कांग्रेस इन दिनों तीखे तेवर अख्तियार किए हुए है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन मंगलवार को कांग्रेस विधायकों ने परिसर में जुलूस निकाला और फिर विधानसभा भवन के मुख्य गेट की सीढ़ियों पर धरना दिया। उन्होंने सत्र की कम अवधि को लेकर भी आक्रोश जताया और कहा कि सरकार जनता के सवालों पर सदन में जवाब देने से बच रही है।
कांग्रेस विधायक मंगलवार को मंत्री आवास के सम्मुख एकत्रित हुए और फिर वहां से नारे लिखी तख्तियों के साथ नारेबाजी करते हुए विधानसभा भवन के मुख्य गेट पर पहुंचे और धरना दिया।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। कथित वीआइपी के तौर पर जिस व्यक्ति का नाम आया, सरकार उसे बचाने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, वन्यजीवों का आतंक जैसे तमाम विषयों पर सरकार उदासीन बनी हुई है।
आर्य ने कहा कि राज्य और राज्यवासियों से जुड़े इन विषयों को सदन में उठाकर कांग्रेस धार देना चाहती थी, लेकिन मौजूदा विधानसभा के इस सत्र को महज अनुपूरक बजट पारित करने तक सीमित कर दिया है।
उन्हाेंने आरोप लगाया कि सत्र के नाम पर औपचारिकता कर रही सरकार सदन में उठने वाले सवालों से बचना चाहती है। इसीलिए सत्र महज दो दिन का निर्धारित किया गया।
उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक प्रीतम सिंह ने मांग करते हुए कहा कि सत्र कम से कम आठ दिन का होना चाहिए। धरना देने के बाद सभी विधायक सत्र की कार्यवाही शुरू होेते ही इसमें शामिल हुए।
सीएम भी मुस्कुराकर निकले
कांग्रेस विधायक जब विधानसभा भवन के मुख्य गेट की सीढ़ियों पर धरना दे रहे थे, तभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सदन में प्रवेश किया। इस दौरान वह कांग्रेस विधायकों ओर देखकर मुस्कुराते हुए सदन में चले गए।
