मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि घोषित, इस तारीख तक है मौका
उत्तराखंड में 'मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार' योजना के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस वर्ष ...और पढ़ें
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समय कम है?
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जागरण संवददाता, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप राज्य में असाधारण साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से लाई गई ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार’ योजना के संचालन को शासन ने शनिवार को दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजना में इस वर्ष पुरस्कार के लिए विभागीय पोर्टल पर आनलाइन आवेदन रविवार (27 सितंबर) से 10 अक्टूबर तक किए जाएंगे। आगामी वर्षों में आवेदन के लिए एक से 30 सितंबर तक की अवधि निर्धारित होगी।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार की ओर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार छह वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ ही असाधारण साहस व वीरता का प्रदर्शन करने वाले चयनित बच्चों को इस वर्ष से पुरस्कृत किया जाएगा।
हर वर्ष प्रत्येक जिले से मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए एक-एक बच्चे का चयन किया जाएगा। आवेदक को राज्य का मूल या स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
आनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय चयन समिति 15 अक्टूबर तक जांच और सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण करेगी। यद्यपि, इस वर्ष यह कार्यवाही 20 अक्टूबर तक होगी।
जिला स्तरीय चयन समिति से प्राप्त नामों पर प्रमुख सचिव-सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय चयन समिति निर्णय लेगी।
राज्य स्थापना दिवस पर दिए जाएंगे पुरस्कार
राज्य स्तरीय समिति हर साल 13 बच्चों को चयनित करने की कार्यवाही 25 अक्टूबर तक पूर्ण करेगी। चयनित बच्चों को राज्य स्थापना दिवस पर नौ नवंबर को पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर प्रत्येक बच्चे को 51-51 हजार रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा।
हर वर्ष खर्च होगी 12.93 लाख की राशि
बाल वीरता पुरस्कार योजना में हर साल 12.93 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें पुरस्कार राशि पर 6.63 लाख, मेडल व प्रशस्ति पत्र पर 1.30 लाख और आयोजन की व्यवस्था में पांच लाख रुपये का व्यय आएगा।
