देहरादून, जेएनएन। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी औद्योगिक संस्थानों से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में केंद्र के जरिए ईपीएफ में दी गई छूट का लाभ उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों में आमजन को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई है। इसी के अंतर्गत मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक छह माह के लिए ऐसे उद्योगों, जिनमें 100 या इससे कम श्रमिक और कर्मचारी कार्यरत हों और साथ ही 90 प्रतिशत श्रमिक और कर्मचारी 15 हजार रुपए से कम वेतन ले रहे हों, के भविष्य निधि का अंशदान (नियोक्ता और कर्मचारी दोनों) का वहन केंद्र सरकार कर रही है। 

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, देहरादून के क्षेत्राधिकार में कुल 4502 ऐसे संस्थान हैं, जो कि उक्त योजना के तहत कवर हो सकते हैं, परंतु अभी आधे से भी कम संस्थानों ने इसका लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने शेष संस्थानों से आग्रह किया है कि भारत सरकार की इस योजना में आवेदन करें ताकि नियोक्ता और श्रमिक दोनों को लाभ मिले। 

कोविड-19 से बचाव में आयुर्वेद की भूमिका महत्वपूर्ण

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून और आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से 'कोविड-19 में आयुर्वेद का महत्त्व' पर आयोजित वेबिनार में प्रतिभाग किया। राज्यपाल मौर्य ने वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी से बचने और इसकी रोकथाम में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

ऐसी स्थिति में जब अभी तक कोविड-19 का कोई उपचार उपलब्ध नहीं है तो अपनी प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करना होगा। आयुर्वेद मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष योगदान देता है। स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी के रोग को दूर करना आयुर्वेद का प्रयोजन है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आज वैश्विक स्तर पर अपना स्थान बना चुकी है।

राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी सुझाव दिया है कि दिनभर गर्म पानी पीना, योग और प्राणायाम करना, हल्दी, जीरा, धनिया, लहसुन जैसे मसालों का दैनिक जीवन में नियमित उपयोग हमारी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि च्यवनप्राश, आयुर्वेदिक काढ़ा और हल्दी मिला हुआ दूध भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक होता है। राज्यपाल ने कहा कि बचाव के लिए विभिन्न सावधानियों जैसे लगातार हाथ धोते रहना, घर से बाहर मास्क का उपयोग करना, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का भी पालन करना चाहिये। 

राज्यपाल ने कहा कि अगर हमें बीमारियों से अपने को बचाना है, तो योग और प्राणायाम के महत्त्व को समझना होगा। राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य आपदा को नियंत्रित करने में आयुष विशेषकर आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  

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वेबिनार में निदेशक, राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून प्रो. नचिकेता राउत, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अरुण कुमार त्रिपाठी, डा. नन्द किशोर दधीचि, डा. अश्विनी कम्बोज, राजभवन की आयुर्वेद चिकित्सक डा. इन्दिरा अग्रवाल और अन्य कई आयुर्वेदिक चिकित्सक, विशेषज्ञ जुडे़ थे।

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Posted By: Raksha Panthari

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