नीती घाटी से पहले Dehradun में दिखा रोमांच व ऊर्जा का संगम, ये है एक्सट्रीम अल्टा रन का शेड्यूल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह का उद्घाटन किया और काउंटडाउन रन को हरी झंडी दिखाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन सप्ताह का उद्घाटन.

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून। चीन सीमा से सटी चमोली जिले की नीती घाटी में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के तत्वावधान में 31 मई से शुरू होने जा रहे नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन के आयोजन से पहले शनिवार को देहरादून भी साहस, रोमांच व ऊर्जा के संगम का साक्षी बना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर क्यालू-हिम तेंदुआ का अनावरण करने के साथ ही मशाल प्रज्जलित की और फिर काउंटडाउन रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 किमी की इस दौड़ में 300 से ज्यादा धावकों ने दमखम दिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर व नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है।
महाभियान का शंखनाद
काउंटडाउन रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि उस महाभियान का शंखनाद था, जो 31 मई को नीती घाटी में उत्तराखंड के इतिहास की सबसे बड़ी अल्ट्रा रन के रूप में चरमोत्कर्ष पर पहुंचेगा। शनिवार को दून में आयोजित काउंटडाउन रन इस उत्सव का पहला स्पंदन थी।
इस कड़ी में मुख्यमंत्री आवास पर सुबह साढ़े पांच बजे से ही धावकों के जुटने का क्रम शुरू हो गया था। मुख्यमंत्री ने नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन के दृष्टिगत मशाल प्रज्वलित करने के बाद काउंटडाउन रन को हरी झंडी दिखाई और स्वयं भी कुछ दूरी तक दौड़ में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नीती घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौडऩे को बुलंद हौसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यहां गूंजने वाले युवाओं के कदम अब नीती घाटी में इतिहास रचेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि के साहस, पर्यटन और सामर्थय का ब्रांड अंबेसेडर बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सीमावर्ती गांवों को देश का प्रथम गांव मानने का विजन इस आयोजन से साकार हो रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार, होम स्टे, स्थानीय उत्पादों व युवा उद्यमिता को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी साहसिक खेल व साहसिक पर्यटन गंतव्य बनाने को सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस मौके पर पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, यूटीडीबी के एसीईओ नरेंद्र भंडारी भी उपस्थित रहे। काउंटडाउन रन के तहत 10 किमी की दौड़ मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ होकर घंटाघर होते हुए नींबूवाला स्थित यूटीडीबी मुख्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अल्ट्रा रन की मशाल यूटीडीबी कार्यालय में स्थापित की, जिसे अब नीती घाटी ले लाया जाएगा। उन्होंने दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया।
शुभंकर बना हिम तेंदुआ
उच्च हिमालयी क्षेत्रों की शान कहे जाने वाले हिम तेंदुआ को नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन का शुभंकर बनाया गया है। यह वीरता, संस्कृति व हिमालय की शक्ति को दर्शाता है।
नीती एक्सट्रीम अल्टा रन सप्ताह
- 27-30 मई : नीती घाटी में धावकों का आगमन
- 31 मई: नीती घाटी में 75 किमी अल्ट्रा रन व 42 किमी फुल मैराथन
- एक जून: पांच, 10 व 21 किमी मैराथन
- दो जून : माउंटेन बाइकिंग
विभिन्न स्पर्धाओं के लिए पंजीकरण
- स्पर्धा, पंजीकरण
- 75 किमी अल्ट्रा रन, 155
- 42 किमी मैराथन, 143
- 21 किमी हाफ मैराथन, 194
- 10 किमी शार्ट रन, 189
- 05 किमी फन रन, 227
नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन उत्तराखंड के लिए खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक कर्मयज्ञ है। जब 27 राज्यों के धावक नीती घाटी की 4384 मीटर ऊंची वादियों की ओर चलते हैं तो यह भारत की एकता यात्रा है। नीती घाटी पर्यटन के विश्व मानचित्र पर अब स्थापित होने जा रही है। -सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री
उत्तराखंड के सीमावर्ती पर्यटन की दिशा में यह आयोजन मील का पत्थर है। चार माह पहले जब नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन की घोषणा हुई, तब नीति घाटी में पंजीकृत होम स्टे की बेड क्षमता 35 थी, जो अब 650 से अधिक हो गई है। यह जनभागीदारी का अभूतपूर्व उदाहरण है।
- धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन
