v style="text-align: justify;">देहरादून, [जेएनएन]: स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 के तहत दून नगर निगम क्षेत्र का सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। निगम की व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए केंद्र की दो सदस्यीय टीम सुबह ही नगर निगम कार्यालय पहुंच गई और देर शाम तक दस्तावेजों की पड़ताल की। इस दौरान निगम के अधिकारी व विभिन्न कार्मिक भी टीम के साथ रहे और उनकी मांग के अनुरूप दस्तावेज उपलब्ध कराते रहे। 

शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए अधिकृत की गई कार्वी कंपनी के एसेसर (आकलनकर्ता) के रूप में सर्वेश पांडे व धर्मेश नगर निगम कार्यालय पहुंचे। दोनों एसेसर ने आते ही नगर निगम की विभिन्न सेवाओं से संबंधित दस्तावेज तलब करने शुरू कर दिए। विशेष रूप से घर-घर से कूड़ा उठान, कूड़ेदानों की संख्या (जैविक-अजैविक के हिसाब से) कूड़े की ढुलाई, उसके निस्तारण की व्यवस्था संबंधी दस्तावेज मांगे गए और उनकी बारीकी से पड़ताल भी की। 
इसके अलावा टीम ने सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था, खुले में शौच मुक्ति (ओडीएफ) के रिकॉर्ड समेत अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की पड़ताल की। तमाम सेवाओं से संबंधित सैकड़ों रिकॉर्ड टीम ने तलब किए और बड़ी संख्या में कागजात कब्जे में भी लिए। देर शाम तक दस्तावेजों का सर्वेक्षण जारी था। एसेसर सर्वेश पांडे ने बताया कि दस्तावेजों की पड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। इस दौरान टीम के साथ अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी आदि मौजूद रहे। 
धरातल की हकीकत का होगा आकलन 
दस्तावेजों की जांच-पड़ताल करने के बाद केंद्र की टीम बुधवार को शहर का निरीक्षण करेगी। इस दौरान देखा जाएगा कि विभिन्न सेवाओं में नगर निगम के रिकॉर्ड और धरातलीय तस्वीर में क्या अंतर है। इसके आधार पर शहर को नंबर भी दिए जाएंगे। साथ ही टीम शहर में नागरिकों से भी बात कर यह जानने का प्रयास करेगी कि वह नगर निगम की सेवाओं से कितना संतुष्ट हैं। इसके आधार पर भी अलग से अंक दिए जाएंगे। 
कुल 4000 अंकों का है सर्वेक्षण 
निकाय सेवा (1400 अंक): इसकी शुरुआत सोमवार को हो गई है। 
-स्वतंत्र मूल्यांकन (1200) : यह सर्वेक्षण टीम बुधवार को फील्ड में उतरकर करेगी। 
-जनता की राय (1000 अंक) : फील्ड सर्वे के साथ ही जनता की राय के आधार पर अंक दिए जाएंगे।   
-स्वच्छता एप (400 अंक) : एप के डाउनलोड के आधार पर अंक दिए जाने हैं। 

By Raksha Panthari