संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: चारधाम में हृदयगति रुकने से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को केदारनाथ में तीन और बदरीनाथ में एक श्रद्धालु ने हृदयगति रुकने से दम तोड़ दिया। इसके साथ ही केदारनाथ में अब तक 25 और बदरीनाथ में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। जबकि, चारों धाम में यह संख्या 58 पहुंच गई है।

केदारनाथ में महाराष्ट्र के दो और तमिनाडु के एक यात्री की मौत

जानकारी के अनुसार, केदारनाथ दर्शनों को आए महाराष्ट्र के ग्राम गंगाखेड (परभानी) निवासी भरत नारायण महात्रा (58 वर्ष) को अचानक तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महाराष्ट्र की ही जलगांव निवासी मन्नू बाई भीमराव (77 वर्ष) ने तबीयत बिगड़ने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनप्रयाग में दम तोड़ा। जबकि, चेन्नई (तमिलनाडु) निवासी कुमार एम. (66 वर्ष) की मौत गौरीकुंड चिकित्सालय में हुई।

बदरीनाथ में गुजरात के एक श्रद्धालु की हुई मौत

उधर, सूरत (गुजरात) निवासी कालटोटर भानू भाई (59 वर्ष) की मौत बदरीनाथ धाम में हुई। चारों श्रद्धालुओं की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया।

हृदय गति रुकने से मरने वाले श्रद्धालु

  • धाम-----21 मई को------कुल मृतक
  • यमुनोत्री----00-------14
  • गंगोत्री------00-------04
  • केदारनाथ---03-------25
  • बदरीनाथ----01-------11
  • ऋषिकेश-----00-------04

बड़कोट: पत्थर की चपेट में आया युवक, मौत

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर राना चट्टी से जानकी चट्टी जाते समय एक युवक पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से युवक की घटना स्थल पर ही मौत हुई। इसके साथ ही राना चट्टी के पास सड़क अवरुद्ध होने के कारण फंसी यात्री बस भी पहाड़ी से गिरे पत्थरों के कारण क्षतिग्रस्त हुई।

शुक्र यह रहा कि गाड़ी में सोये चालक ओर परिचालक की जान किसी तरह से बच पायी। शुक्रवार की रात को राना चट्टी के पास मार्ग का निर्माण कार्य चलने के दौरान कृष्णा पुत्र दलपति निवासी नौगांव केलसू उत्तरकाशी राना चट्टी से जानकी चट्टी की ओर पैदल ही चल पड़ा। देर रात को पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से कृष्णा की घटना स्थल पर ही मौत हुई। इसी दौरान एक यात्री बस भी क्षतिग्रस्त हुई।

Edited By: Sunil Negi