देहरादून, [विकास गुसाईं]: प्रदेश सरकार अब चार धाम आने वाले यात्रियों के लिए सिंगल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करने जा रही है। इसके तहत यात्रियों को चिपयुक्त विशेष स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। हर धाम में लगी मशीन पर यह कार्ड स्वैप किया जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि यात्री कौन से धाम के दर्शन कर चुका है। इससे न केवल आपदा के दौरान यात्रियों की स्थान विशेष पर संख्या का पता चल सकेगा, बल्कि भीड़ बढऩे पर इनका रास्ता भी बदला जा सकेगा।

चार धाम की यात्रा पर प्रतिवर्ष तकरीबन 18 लाख से अधिक यात्री आते हैं। ये यात्री ऋषिकेश के साथ ही अन्य मार्गों से चार धाम के लिए रवाना होते हैं। इस क्रम में अभी इनका रजिस्ट्रेशन किया जाता है। कौन सा यात्री किस धाम की ओर जा रहा है, इसकी पुख्ता सूचना के लिए अभी तक कोई इंतजाम नहीं है। इन धामों पर रखे गए रजिस्टर की एंट्री से ही पता चलता है कि प्रतिदिन कितने यात्रियों ने दर्शन किए। कौन सा यात्री किस धाम में है, इसके लिए अब प्रदेश सरकार इस योजना पर आगे कदम बढ़ा रही है।

प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से चारधाम सिंगल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से 22 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में मुख्य रजिस्ट्रेशन काउंटर ऋषिकेश में बनाया जाएगा। इसके लिए बस स्टैंड के समीप  वन विभाग की तकरीबन 3.5 हेक्टेयर भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। इसके अलावा चार धाम को जाने वाले अन्य मार्गों पर भी छोटे-छोटे रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाएंगे, जो एक सर्वर से कनेक्ट रहेंगे। यहां यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। दो अथवा चार धाम की यात्रा करने के हिसाब से उन्हें एक विशेष स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। सभी धामों के पास प्रवेश मार्ग पर इन कार्ड को स्वैप करने के लिए मशीनें लगी होंगी।  इसमें एक चिप लगी होगी।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि मार्ग खराब होने अथवा किसी धाम में भीड़ बढऩे पर यात्रियों का कम भीड़ वाले धाम की ओर डायवर्ट किया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले यात्रियों से भी उनकी इच्छा पूछी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र ने इस पर अपनी सहमति जताई है। जल्द ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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Posted By: Sunil Negi