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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र सरकार ने जोशीमठ के लिए 1845 करोड़ की दी मंजूरी, उपचार व पुनर्वास को जल्द जारी होगी 1464 करोड़ की राशि

By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
Published: Mon, 09 Oct 2023 09:47 AM (GMT+05:30)

Joshimath Treatment चमोली जिले में आपदा का दंश झेल रहे जोशीमठ शहर के उपचार व प्रभावितों के पुनर्वास के लिए ...और पढ़ें

Joshimath Treatment: केंद्र सरकार ने जोशीमठ के लिए 1845 करोड़ की दी मंजूरी
Joshimath Treatment: केंद्र सरकार ने जोशीमठ के लिए 1845 करोड़ की दी मंजूरी

HighLights

  1. गृह मंत्री अमित शाह ने जोशीमठ आपदा के संबंध में ली जानकारी
  2. केंद्र सरकार ने जोशीमठ के लिए 1845 करोड़ की दी मंजूरी
  3. आपदा के दृष्टिगत राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने के दिए निर्देश

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Joshimath Treatment: चमोली जिले में आपदा का दंश झेल रहे जोशीमठ शहर के उपचार व प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 1845 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। इसमें केंद्रांश के रूप में 1464 करोड़ की राशि शीघ्र जारी की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वन अनुसंधान संस्थान में राज्य के अधिकारियों से जोशीमठ आपदा के संबंध में जानकारी लेने के बाद यह बात कही।

उत्तराखंड में अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने के निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि आपदा की स्थिति में समय रहते बचाव हो सके। इस पर सचिव आपदा प्रबंधन डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने उन्हें अवगत कराया कि राज्य में मल्टी अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने की योजना है।इसका 118 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। यह योजना विश्व बैंक से वित्त पोषित होनी है।

गृह मंत्री ने राज्य के पहाड़ी शहरों में भवन निर्माण के लिए ऐसी उपविधियां बनाने के निर्देश दिए, जो ईको फ्रेंडली होने के साथ ही सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप हों। उन्होंने पहाड़ी शहरों की स्थिति की जानकारी भी ली।

क्षमता को लेकर होगा परीक्षण

सचिव आपदा प्रबंधन ने उन्हें अवगत कराया कि इन शहरों का ट्रोपोग्राफिकल, जियोटेक्निकल, जियोलाजिकल, जियोग्राफिकल सर्वेक्षण के साथ ही मिट्टी, पानी व धारण क्षमता को लेकर भी परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण के उपरांत जो परिणाम आएंगे, उनके हिसाब से अलग-अलग नियम व उपविधियां बनाई जाएंगी।

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