जागरण संवाददाता, देहरादून। सीबीआइ की ओर से एक करोड़ रुपये रिश्वत के मामले में पकड़े गए भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरईएस) के अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान की संपत्ति की जांच करने के लिए दो टीमें दिल्ली से देहरादून पहुंची। टीमों ने आशीर्वाद एन्क्लेव और चकराता में स्थित पुश्तैनी घर को खंगाला। सूत्रों की मानें तो देहरादून वाले घर से एक करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। वहीं, चकराता स्थित घर से 50 लाख रुपये मिले हैं। हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से देर रात तक सीबीआइ की टीम पूछताछ कर रही थी। 

सीबीआइ के एसपी पीएस पाणिग्रह को रविवार सुबह दिल्ली से फोन आया था कि रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उनके देहरादून जिले में दो मकान हैं। इस पर सीबीआइ की ओर से दिन के करीब साढ़े 11 बजे दो टीमों को रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली से छापा मारने के लिए दो टीमें आई थीं। इनमें से एक टीम ने आशीर्वाद एन्क्लेव व दूसरी टीम ने चकराता स्थित मकान पर छापा मारा।

एसपी ने बताया कि सीबीआइ की जांच अभी चल रही है। उनकी टीम भी दिल्ली से आए अधिकारियों के साथ जांच में जुटी है। उन्होंने बताया कि रेलवे में 1985 बैच के आइआरईएस अधिकारी के रूप में तैनात महेंद्र सिंह चौहान को सीबीआइ ने कथित रूप से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में काम दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग करते हुए हिरासत में लिया था। रेलवे अधिकारी असम में मालीगांव में एनएफआर मुख्यालय में तैनात है। 

सूत्रों के अनुसार, देहरादून शहर में स्थित घर से मिली रकम को गिनने में सीबीआइ की टीम को खासा समय लगा। हालांकि अधिकारियों ने रकम मिलने और जिन दो लोग को हिरासत में लिया है, उनके बारे में अधिक जानकारी देने से इन्कार कर दिया। बताया कि दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे अभी पूछताछ जारी है। उन्हें दिल्ली ले जाकर भी पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा प्रॉपर्टी के कुछ दस्तावेज भी सीबीआइ के हाथ लगे हैं। जिनकी जांच की जाएगी। 

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