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दुल्हन ने दिखाया रास्ता, ग्रामीणों को सड़क मिलने की उम्मीद

Published: Fri, 23 Oct 2026 02:01 PM (GMT+05:30)

जौनसार-बावर के उदांवा गांव में सड़क न होने से दुल्हन शर्मिला को 18 किमी पैदल चलकर ससुराल पहुंचना पड़ा, जिससे मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है।

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संवाद सूत्र, चकराता । जौनसार-बावर के उदांवा गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सड़क निर्माण की मांग का संज्ञान लेने का स्वागत कर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि गांव में आई दुल्हन ने जो मांग रखी है, उससे उम्मीद की किरण दिख रही है अब सड़क जरूर आएगी। यह उनके लिए सबसे बड़ा दिन होगा।

बुल्हाड़ निवासी शर्मिला को विवाह के बाद ससुराल उदांवा पहुंचने के लिए करीब 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। उदांवा गांव में 26 परिवार रहते हैं और आबादी करीब 450 है। सड़क नहीं होने से परेशानी होती है। सामान पीठ पर लादकर घर तक ले जाना और बीमार व्यक्ति को डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाना मुश्किल है।

सड़क के पहले चरण को स्वीकृति मिली थी

बुल्हाड़ के भाजपा नेता प्रताप सिंह रावत के अनुसार, तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में थोवा से उदावा तक पांच किलोमीटर सड़क के पहले चरण को स्वीकृति मिली थी। वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण आगे के हिस्से को स्वीकृति नहीं मिल सकी। सड़क निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया।

संयुक्त निरीक्षण के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बुराइला से उदांवा तक सड़क बनाने के प्रयास भी जारी हैं। सर्वे पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। लोखंडी से मोइला टाप तक सड़क के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

पूर्व ग्राम प्रधान बहादुर सिंह, अतर सिंह, बिजन सिंह, चंदन सिंह चौहान और हीरा सिंह सहित ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से निर्माण प्रक्रिया तेज करने की मांग की है।

उदांवा मार्ग पर पांच किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति है। आगे के हिस्से के लिए वन भूमि संबंधी प्रस्ताव आनलाइन अपलोड किया गया था। प्रस्ताव में सड़क की चौड़ाई नौ मीटर के बजाय सात मीटर रखने के निर्देश के बाद पेड़ों की दोबारा गणना कराई गई है। प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया भी की गई है। - विजय कुमार मोंगा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

'अब तो सड़क बन ही जाए,'

विकासनगर: दुल्हन शर्मिला ने भी मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने का स्वागत किया है। उसने कहा कि अब तो यह चाहत है कि सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाए। यह देखकर अच्छा नहीं लगता कि आज भी लोग पीठ पर सामान ढो रहे हैं। गाड़ी का काम घोड़े-खच्चर कर रहे हैं। यह पता नहीं था कि ससुराल जाने के लिए इतना पैदल चलना पड़ेगा।

शर्मिला ने उम्मीद जताई कि इस बार शासन स्तर से मिले निर्देश के बाद सड़क निर्माण की दिशा में ठोस काम होगा। रुद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।

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