यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IPL में मुंबई व कोलकाता के बीच सट्टा लगवा रहा सट्टेबाज देहरादून से गिरफ्तार
आइपीएल मैचों में आनलाइन सट्टा लगाते सट्टेबाज को उत्तराखंड एसटीएफ ने कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के एसएसपी ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के 14वें सीजन का दूसरा चरण शुरू होने के साथ सट्टेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार रात उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आइपीएल मैच में सट्टा लगवा रहे तीन बुकी को देहरादून और ऋषिकेश से गिरफ्तार किया। आरोपित मुंबई से संचालित हो रही वेबसाइट www.rocket111.com और www.magictv.com के माध्यम से मुंबई इंडियंस और केकेआर के बीच चल रहे मैच में आनलाइन सट्टा लगवा रहे थे।
एसटीएफ के एएसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि जिले में आइपीएल के मैचों में सट्टा लगवाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक जवाहर लाल और पुलिस उपाधीक्षक पूर्णिमा गर्ग की देखरेख में दो टीमें गठित की गईं। एक टीम ने कैंट कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रकाश नगर मेंएक घर में दबिश दी। यहां आशीष आहूजा निवासी प्रकाश नगर को आनलाइन सट्टा लगवाते पकड़ा गया। आरोपित के पास से पांच लाख 62 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल, एक एलसीडी और सट्टे के हिसाब का रजिस्टर व पर्चियां बरामद की गईं। वहीं, आशीष के साथी रिशू जायसवाल की तलाश की जा रही है।
दूसरी टीम ने ऋषिकेश में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान भल्ला फार्म हाउस गली नंबर तीन निवासी वरुण तनेजा और भरत विहार निवासी अमित मुखीजा के रूप में हुई। अमित मूल रूप से जवाहर कालोनी, फरीदाबाद (हरियाणा) का रहने वाला है। दोनों आनलाइन सट्टा लगवा रहे थे। आरोपितों के पास से आठ मोबाइल, एक लैपटाप, एक वाईफाई डिवाइस, सट्टे के हिसाब का रजिस्टर, चार लाख 62 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर एसटीएफ ने की कार्रवाई
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बीते दिनों पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि कई युवा आइपीएल के मैचों में मोबाइल पर विभिन्न एप डाउनलोड कर फैंटेसी क्रिकेट खेलते हैं। ऐसे युवाओं को सट्टेबाज आसानी से जाल में फंसा लेते हैं।
