उत्तराखंड में बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल, अमित शाह और सीएम धामी भी निशाने पर; पुलिस अलर्ट
मसूरी पालिका और एसडीएम को उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों सहित मुख्यमंत्री धामी और गृह मंत्री शाह को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिला है।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मसूरी पालिका को मिला बम से उड़ाने का धमकी भरा ई-मेल।
मुख्यमंत्री धामी, अमित शाह सहित कई स्थान निशाने पर।
पुलिस जांच में जुटी, अंबाला के जसप्रीत सिंह पर मुकदमा।
जागरण संवाददाता, देहरादून। मसूरी नगर पालिका और एसडीएम मसूरी के आधिकारिक ई-मेल पर और इंटरनेट मीडिया पर उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश मिलने से हड़कंप मच गया।
ई-मेल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, देहरादून से दिल्ली तक विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों, हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम, रेलवे स्टेशनों, पुलिस थानों और रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।
धमकी भरे ई-मेल में कुछ स्थानों के साथ समय और तिथियों का भी उल्लेख किया गया है। संदेश में खालिस्तान का जिक्र करते हुए कई आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस, खुफिया एजेंसियां और साइबर सेल अलर्ट मोड में आ गई हैं। पुलिस ई-मेल की सत्यता की जांच कर रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ई-मेल भेजने वाले को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
25 जून को पुलिस थानों को उड़ाने की धमकी, मुकदमा दर्ज
इंटरनेट मीडिया पर 25 जून को उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरा पोस्ट प्रसारित होने पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा एसआइ रवि प्रसाद कवि की तहरीर पर दर्ज हुआ है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को अज्ञात व्यक्ति ने सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने संबंधी आतंकी घटना से संबंधित पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया। इससे आमजन में भय एवं आतंक का माहौल उत्पन्न हुआ।
प्रारंभिक जांच में पोस्ट से संबंधित मोबाइल नंबर व उससे संबंधित व्यक्ति जसप्रीत सिंह निवासी अंबाला सिटी, हरियाणा का विवरण प्राप्त हुआ है। पोस्ट को प्रसारित करने में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी प्रतीत हो रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
