बांसुरी को पंचायत-निकाय की कमान, मेनन संभालेंगे शिक्षक-पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ
भाजपा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने ...और पढ़ें
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अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अब प्रकोष्ठों के जरिये समाज के अलग-अलग वर्गों में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति बनाई है। पार्टी प्रदेश में प्रकोष्ठों के बड़े सम्मेलन करेगी।
कुमाऊं और गढ़वाल में एक-एक राज्य स्तरीय सम्मेलन होगा, जिसमें केंद्रीय स्तर के बड़े नेताओं की मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले में भी एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कवायद के पीछे प्रकोष्ठों को चुनावी संपर्क के प्रभावी माध्यम के रूप में सक्रिय करने की रणनीति है।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी राम माधव और सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन ने मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ संवाद में चुनावी तैयारियों का प्रारंभिक खाका खींचा।
पार्टी अब प्रकोष्ठों की भूमिका को महज संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज के संबंधित वर्गों के बीच संवाद और संपर्क का माध्यम बनाने पर जोर दे रही है।
सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज को एनजीओ, निकाय और पंचायत से जुड़े प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी दी गई है। इनके माध्यम से सामाजिक संगठनों, स्थानीय निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद को विस्तार दिया जाएगा।
वहीं, अरविंद मेनन संगठन, शिक्षक और पूर्व सैनिक प्रकोष्ठों की कमान संभालेंगे। इन वर्गों के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाने के साथ चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी उनके हिस्से होगी।
प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियों का यह विभाजन अभी प्रारंभिक चरण में है। आने वाले दिनों में दोनों सह-प्रभारियों के बीच अन्य प्रकोष्ठों का दायित्व भी तय किया जाएगा।
भाजपा की रणनीति प्रकोष्ठों के जरिये संबंधित सामाजिक समूहों तक सरकार की उपलब्धियों और पार्टी के कार्यक्रमों को पहुंचाने के साथ ही जमीनी फीडबैक जुटाने की है। कुमाऊं, गढ़वाल और जिला स्तर पर प्रस्तावित सम्मेलन इसी रणनीति को संगठन के निचले स्तर तक ले जाने की कवायद माने जा रहे हैं।
कोश्यारी से मिले राम माधव, बांसुरी और मेनन
भाजपा के प्रदेश प्रभारी राम माधव और सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। तीनों नेताओं ने कोश्यारी से उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। पार्टी की चुनावी तैयारियों के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
