उत्तराखंड में भाजपा की 2027 चुनाव रणनीति: ओबीसी मतदाताओं पर विशेष फोकस
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ओबीसी मोर्चे के जरिए पिछड़े वर्ग के मतदाताओं से संपर्क अभियान तेज कर रही है।
-1790874089811_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने ओबीसी मोर्चे के जरिए पिछड़े वर्ग के मतदाताओं से संपर्क अभियान तेज करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के दो दिवसीय प्रवास को इसी रणनीति की अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश मुख्यालय में हुई बैठकों में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और ओबीसी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच लगातार संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया। सांसद अमरपाल मौर्य ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी क्षमता और मनोयोग से वर्ष 2027 की चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
उन्होंने घर-घर प्रवास, समाजवार संपर्क और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक संवाद को अभियान का प्रमुख आधार बनाने की बात कही। इसके साथ ही विभिन्न ओबीसी समाजों के प्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने को ओबीसी समाज के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यों को समाज तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल मौर्य ने जिलावार संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा प्रस्तुत की। पूर्व पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों तथा आयोग-बोर्ड के प्रतिनिधियों के साथ भी रणनीतिक संवाद हुआ। इस दौरान कहा गया कि दो अक्टूबर को वर्गवार बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ेगा।
यह भी पढ़ें- देहरादून डीबीएस पीजी कॉलेज में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच में मारपीट, पहुंची पुलिस
विभिन्न पिछड़ा वर्ग प्रतिनिधियों से अलग-अलग संवाद के साथ उद्यमी, व्यापारी, चिकित्सक, अधिवक्ता, प्रोफेसर और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजनों से भी संपर्क किया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा का फोकस संगठन, सामाजिक संपर्क और चुनावी तैयारी तीनों मोर्चों को एक साथ गति देने पर है।
