विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड 2027 चुनाव: भाजपा की पड़ताल, प्रीतम सिंह खुद जीतते, कांग्रेस को नहीं जिता पाते

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:25 PM (GMT+05:30)

भाजपा ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के प्रभाव वाली सीटों का आकलन शुरू किया ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की बिसात बिछने लगी है। भाजपा ने अपनी सीटों की समीक्षा के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के प्रभाव क्षेत्र का भी आकलन शुरू किया है।

भाजपा यह समझने में जुटी है कि कांग्रेस का कौन सा दिग्गज नेता अपनी सीट जीतने के साथ ही आसपास की विधानसभा सीटों पर भी कांग्रेस को जितवा रहा है।

इस पड़ताल की शुरुआत चकराता विधानसभा क्षेत्र से की गई है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह 2002 से लगातार पांच चुनाव जीतते आए हैं, लेकिन पड़ोसी सीटों के नतीजे में जो निकलकर सामने आया, वह बताता है कि दिग्गज नेता प्रीतम सिंह ख्रुद तो लगातार जीत रहे हैं, लेकिन आसपास की सीटों पर कांग्रेस को नहीं जिता पा रहे।

पुरोला, यमुनोत्री, धनोल्टी समेत अन्य सीटों पर नहीं चला कद का जादू

रिपोर्ट बताती है कि चकराता के प्रभाव वाली पुरोला, यमुनोत्री, धनोल्टी और देहरादून की अन्य सीटों पर प्रीतम के कद का कोई जादू पिछले सालों में नहीं चला। पुरोला में राज्य बनने के बाद सिर्फ एक बार कांग्रेस का विधायक रहा।

चकराता की नजदीकी यमुनोत्री सीट में 2007 में कांग्रेस के केदार सिंह रावत जीते, जबकि अन्य चुनावों में उक्रांद, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। धनोल्टी में कांग्रेस 2002 में जीती, इसके बाद भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी जीतते रहे।

नतीजे बताते हैं कि चकराता में प्रीतम लगातार जीतते रहे, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस को नहीं जिता सके। इसी तरह विकासनगर में कांग्रेस के नवप्रभात 2002 और 2012 में विधायक बने, जबकि वर्ष 2017 से लगातार भाजपा जीत रही है। सहसपुर सीट 2007 से भाजपा के खाते में है।

मसूरी हो या कैंट, नहीं कोई खतरा 

मसूरी में 2012 से लगातार भाजपा के गणेश जोशी विजयी हो रहे हैं। धर्मपुर में कांग्रेस ने शुरुआती तीन चुनाव जीते, लेकिन 2017 से भाजपा के विनोद चमोली विधायक हैं। रायपुर में 2012 से भाजपा के उमेश शर्मा काऊ और ऋषिकेश में 2007 से भाजपा के प्रत्याशी विजय पताका लहरा रहे हैं।

डोईवाला में भी भाजपा ही मजबूत है, 2017 और 2022 में भाजपा ने यह सीट वापस अपने पास रखी। देहरादून कैंट में भाजपा का लंबे समय से प्रभाव है। भाजपा की समीक्षा में यह निकलकर आया कि प्रीतम सिंह की व्यक्तिगत लोकप्रियता पार्टी को चुनावी लाभ नहीं दिला सकी।

यह भी पढ़ें- देहरादून में एसटीपीआई की नई सुविधा से 1700 स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने किया उद्घाटन

यह भी पढ़ें- देहरादून के समरवैली स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ पर हंगामा, शिक्षक निलंबित