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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम से शहीद दिनेश रावत मार्ग के सुधारीकरण की मांग

By JagranEdited By:
Published: Sun, 25 Apr 2021 02:00 AM (IST)

चकराता जिम्मेदारों की अनदेखी और लोनिवि की उदासीनता से कारगिल शहीद दिनेश रावत मार्ग बदहाल पड़ा हुआ है।

सीएम से शहीद दिनेश रावत मार्ग के सुधारीकरण की मांग
सीएम से शहीद दिनेश रावत मार्ग के सुधारीकरण की मांग

संवाद सूत्र, चकराता: जिम्मेदारों की अनदेखी और लोनिवि की उदासीनता से कारगिल शहीद दिनेश रावत मोटर मार्ग की हालत काफी खराब है। पिछले एक दशक से बदहाल पड़े इस मार्ग की हालत सुधारने को स्थानीय लोग लगातार मांग करते चले आ रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। मामले में बंगाण क्षेत्र से जुड़े मैंजणी के प्रधान और पावली पंचायत के प्रधान ने सूबे के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मार्ग का जल्द डामरीकरण व सुधारीकरण कार्य करने की मांग की।

सीमावर्ती बंगाण क्षेत्र के मैंजणी पंचायत, पावली व भूटाणू तीनों पंचायत से जुड़े गमरी, किरोली, पेतलासू, डेलून, लखटाड़, भूटाणू, मैंजणी, पावली, लोहासू समेत आसपास के डेढ़ दर्जन गांवों व तोक-मजरों की आबादी करीब साढ़े तीन हजार है। सीमांत क्षेत्र के इन ग्रामीण इलाकों को सड़क सुविधा से जोड़ने को सरकार ने वर्ष 2007-8 में कारगिल शहीद दिनेश रावत के नाम से गमरी-शरण मार्ग के निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी। पावली के प्रधान चमन चौहान व मैंजणी के प्रधान अरुण रावत ने शहीद दिनेश मार्ग की हालत सुधारने को सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से गुहार लगाई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि करोड़ों की लागत से बने 20 किमी लंबे शहीद दिनेश मार्ग का सड़क कटिग कार्य वर्ष 2010-11 में निपटने के बाद इस मार्ग का डामरीकरण कार्य नहीं हुआ। जेपीआरआर हाईवे से जुड़े इस मार्ग से बंगाण क्षेत्र की सैंकड़ों ग्रामीण जनता को आवाजाही में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग मार्ग की बदहाली के चलते हिचकोले खाकर किसी तरह अपने गांव से कामकाज के लिए त्यूणी व आराकोट बाजार आते-जाते हैं। बीते मार्च माह में क्षेत्र की महिलाओं ने सड़क सुधारीकरण की मांग को लेकर आंदोलन भी किया, बावजूद इसके विभाग बजट की कमी का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। इसका खामियाजा सैकड़ों लोग भुगत रहे हैं। मार्ग की बदहाली का आलम ये है कि 20 किमी का सफर तय करने में ग्रामीणों को तीन से चार घंटे का समय लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी सीजन में पर्वतीय फलों व नकदी फसलों को दूर-दराज के गांवों से बाजार व मंडी तक लाने ले जाने की है। ग्राम प्रधानों ने सरकार से शहीद दिनेश मार्ग का लोनिवि पुरोला खंड से हटाकर पीएमजीएसवाई को हेंडओवर करने के साथ सड़क का डामरीकरण व सुधारीकरण कार्य जल्द कराने की मांग की।