जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :

कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन के चलते तिपहिया वाहनों का संचालन बंद था। आखिरकार लॉकडाउन के पांचवें चरण में 72 दिन बाद काफी कम संख्या में तिपहिया वाहन सड़कों पर उतरे हैं। जिससे नगर व आसपास क्षेत्र में लोगों को सार्वजनिक परिवहन का एक विकल्प मिला है। हालांकि अभी सीमित क्षमता के साथ ही तिपहिया वाहनों में सवारियां ले जाने की अनुमति है। सोमवार को कांटेक्ट कैरिज (बुकिग) पर ही तिपहियों का संचालन हुआ।

बीती 22 मार्च को जनता क‌र्फ्यू के साथ ही उत्तराखंड में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। जिससे सार्वजनिक परिवहन भी बंद हो गया था। दो माह से अधिक की इस अवधि में धीरे-धीरे आवश्यक सेवाओं से लेकर बाजार तक को खोला गया है। हालांकि सार्वजनिक परिवहन के रूप में अभी सिर्फ तिपहिया वाहनों को ही दो सवारियों के साथ संचालन की अनुमति मिली है। सोमवार को तीर्थनगरी की सड़कों पर विक्रम,ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा उतरे। ऋषिकेश क्षेत्र में सिटी बस की व्यवस्था न होने के कारण नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोकल रूटों पर तिवहिया वाहनों पर ही सार्वजनिक परिवहन का बड़ा दरोमदार है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऋषिकेश सेंटर में ही करीब तीन हजार से अधिक विक्रम और ऑटो पंजीकृत हैं। अब जब बाजार खुलने लगे हैं और बाजार को खोलने का समय पर प्रात: सात बजे से सायं सात बजे तक कर दिया गया है तो लोग घरों से खरीदारी व अन्य कार्यों से बाहर निकल रहे हैं। सोमवार को नगर व आसपास की सड़कों पर विक्रम और ऑटो का संचालन बुकिग के आधार पर हुआ। जिससे सड़क पर तिपहिया की संख्या पहले की अपेक्षा बेहद कम रही। विक्रम ऑटो में भी एक या दो सवारियों ने ही सफर किया।

Posted By: Jagran

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