राज्य ब्यूरो, देहरादून

लोक निर्माण विभाग में प्रमुख अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता स्तर तक की चरित्र पंजिका में वार्षिक गोपनीय आख्या लिखे जाने के मद्देनजर इसके मानक कड़े कर दिए गए हैं। शासकीय उत्तरदायित्व एवं कार्य के प्रति जवाबदेही का मूल्यांकन किए जाने और अभियंताओं की परफार्मेस आधारित वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के लिए विभिन्न स्तर पर दर्ज आख्या के लिए प्रारूप में बदलाव किया गया है। शासन ने यह जारी भी कर दिया है।

अपर मुख्य सचिव लोनिवि ओमप्रकाश ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व व्यवस्था में 100 अंकों में से 80 फीसद अधिमान एप्राइज अधिकारी के परफार्मेस के आधार पर आंकलित किया जाता था। परफार्मेंस के लिए जो पैरामीटर निर्धारित किए जाते थे, उनका निर्धारण अधिकारी स्वयं करते थे। परफार्मेंस के लिए पहले अलग-अलग पैरामीटर का कोई लक्ष्य नहीं था, जिससे रिपोर्टिग अधिकारी को वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाती थी कि एप्राइज अधिकारी द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष कितना कार्य किया गया।

उन्होंने बताया कि अब संशोधित परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट में प्रत्येक वर्ग के अधिकारी के लिए पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। अलग-अलग पैरामीटर पर लक्ष्य के विरुद्ध कितनी उपलब्धि प्राप्त हुई, इसका आकलन परफार्मेंस रिपोर्ट में किया जाना है। इसके लिए 80 अंक का प्रविधान किया गया है और प्रत्येक पैरामीटर के लिए अधिकतम अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहले व्यक्तिगत गुणों के लिए 20 फीसद अधिमान का निर्धारण किया जाता था, जो 10 बिंदुओं पर आधारित था। इसमें प्रत्येक बिंदु के लिए अलग-अलग अंक थे और इसे केवल ग्रेडिंग 0 से 10 के बीच में दिया जाता था। अब नई परफार्मेस अप्रेजल रिपोर्ट में 20 अंक का प्रविधान किया गया है। यदि रिपोर्टिग अधिकारी को लगता है कि किसी पैरामीटर में गुणवत्तापरक बात नहीं है तो वह इसके अनुसार अंक निर्धारित कर सकता है।

Posted By: Jagran

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