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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हंसी-खुशी मेला देखकर लौट रहे थे, हुए हादसे का शिकार, एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से पसरा मातम

By Nirmala BohraEdited By:
Published: Mon, 18 Apr 2022 02:10 PM (IST)Updated: Mon, 18 Apr 2022 02:11 PM (IST)

एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत से हर तरफ गम है। साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर हाजा दसौ के ...और पढ़ें

एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से पसरा मातम
एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से पसरा मातम

भगत स‍िंह तोमर, साहिया : जौनसार के मोइला टाप में लगे बिस्सू मेले से लौटते समय कार हादसे में नथाण परिवार के तीन चचेरे भाइयों की मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। मेले की खुशियां पल भर में काफूर हो गई।

चार जवान युवकों की मौत से दसौ में मातम

हादसे में गांव के ही चार जवान युवकों की मौत से दसौ में मातम है। शनिवार रात में कार हादसे का शिकार हुए नथाण परिवार के संजय चौहान सेल्स टैक्स बैंगलूरू में सेल्स टैक्स विभाग में आडिटर पद पर और रणवीर चौहान रेलवे गाजियाबाद में जूनियर इंजीनियर पद पर कार्यरत थे।

एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत से हर तरफ गम है। सड़क हादसे में मौत के मुंह में समाए संजय चौहान की नौकरी 2018-19 में लगी थी, नौकरी मिलने से परिवार में खुशियां थी। संजय चौहान 11 अप्रैल को अवकाश लेकर घर आये थे। देहरादून में 13 अप्रैल को जमीन की रजिस्ट्री थी, रणवीर चौहान ने भी उनके साथ अवकाश लिया था। रणवीर की 2021 में रेलवे में नौकरी लगी थी।

तीसरा भाई बरदावर सिंह चौहान (बारू) अपनी पढ़ाई पूरी कर गांव में ही रह रहा था। तीन चचेरे भाइयों की मौत ने पूरा परिवार हिला दिया। संजय चौहान दो भाई थे, हादसे के बाद अब छोटा भाई नितेश चौहान ही है। जबकि रणवीर चौहान तीन भाईयों में दूसरे नंबर के थे।

रणवीर चौहान की चार बहनें हैं, जबकि बरदावर सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। हादसे के शिकार प्रीतम चौहान अपने पीछे तीन साल के बेटे और तीन माह की बेटी के साथ पत्नी सविता चौहान को छोड़कर गए हैं। एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत देखकर हर किसी की आंख भर आयी।

स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मदद को पहुंचे

हर बार की तरह इस बार भी हाजा दसौ के बीच कार हादसे के दौरान मदद को स्थानीय ग्रामीण ही पहले पहुंचे। जबकि राजस्व, पुलिस व एसडीआरएफ काफी देर से पहुंची। स्थानीय ग्रामीण काफी हद तक रेस्क्यू कर चुके थे। साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर हाजा दसौ के बीच शनिवार की रात नौ बजे के करीब कार के खाई में गिरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और मदद में जुट गए थे।

एक साथ चार चिताएं जली तो भर गईं सभी की आंखें

चारों युवकों का हरिपुर कालसी में यमुना किनारे अंतिम संस्कार किया गया। चार चिताएं जलती देख हर किसी की आंखें भर आयी।

क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, भाजपा नेता प्रताप सिंह रावत, कमलेश भट्ट, कुंवर सिंह चौहान, जगत सिंह चौहान आदि गमजदां परिवार को ढांढस बंधाते रहे। खत पंसगाव के सदर स्याणा शूरवीर सिंह चौहान ने बताया कि साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर बड़े हादसे की यह पहली घटना है।

यमुना पुल पर लगा दो किमी लंबा जाम

हरिपुर कालसी में यमुना किनारे जब चारों युवकों संजय 30, रणवीर 28, बरदावर 26 और प्रीतम 32 के शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया तो ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। जिस कारण यमुना पुल पर करीब दो किमी लंबा जाम लगा और करीब एक घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। अंतिम संस्कार के बाद जाम खुल पाया।

पैराफिट होता तो टल सकता था हादसा

जिस जगह पर कार हादसा हुआ, उस जगह रोड किनारे यदि पैराफिट होता तो बड़ा हादसा टल सकता था। बिना पैराफिट के कारण कार अनियंत्रित होते ही सीधे खाई में गिर गई। प्रत्यक्षदर्शी गजेंद्र सिंह नौटियाल ने घटना की सूचना पुलिस प्रशासन को दी।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार खाई साइड में पैराफिट और क्रश बेरियर लगाने की मांग संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। यदि खाई साइड पैराफिट या क्रश बैरियर लगा होता तो शायद यह बड़ा हादसा टल जाता।

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