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झंडा मेला की तैयारियां तेज: 94 फीट लंबा नया ध्वजदंड पहुंचा दरबार साहिब, जयकारों से गूंजा परिसर

Published: Sat, 07 Mar 2026 12:39 AM (IST)

देहरादून के दरबार साहिब में 94 फीट लंबा नया ध्वजदंड पहुंचा। श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बाम्बे बाग से ...और पढ़ें

पटेलनगर से नए ध्वज दंड को लेकर दरबार साहिब लेकर जाती दूर-दराज से आइ संगत। साभार- दरबार साहिब

पटेलनगर से नए ध्वज दंड को लेकर दरबार साहिब लेकर जाती दूर-दराज से आइ संगत। साभार- दरबार साहिब

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जागरण संवाददाता, देहरादून। संगत के कंधों पर 94 फीट लंबे नये ध्वजदंड, ढोल नगाड़े की धुन पर थिरकते श्रद्धालु, श्रद्धाभाव से पुष्पवर्षा कर स्वागत करते लोग, चारों और गुरु महाराज की जयकार।

शुक्रवार को यह नजारा नये ध्वजदंड के श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बाम्बे बाग से दरबार साहिब पहुंचने के दौरान दिखा। दरबार साहिब में दिनभर ध्वजदंड का आशीर्वाद लेने को भीड़ लगी रही। आठ मार्च को झंडेजी के आरोहण के साथ ही मेला शुरू होगा।

शुक्रवार सुबह से ही संगतों के श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बाम्बे बाग पहुंचने का क्रम शुरू हुआ। श्री गुरु राम राय दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद दिया।

श्रीमहंत की अगुआई में संगतों ने अरदास पढ़ी। सुबह आठ बजे संगतों ने नये ध्वजदंड को कंधों पर उठाकर दरबार साहिब के लिए प्रस्थान किया।

श्रद्धा, उमंग, उल्लास व गुरु भक्ति के बीच स्कूल के प्रांगण में जैसे ही संगतों ने ध्वजदंड को कंधों पर उठाया पूरा क्षेत्र श्री गुरु राम राय जी महाराज, श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज व श्री झंडेजी के जयकारों से गूंज उठा।

टीएचडीसी चौक, श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल से लालपुल, मातावाला बाग होते हुए साढ़े नौ बजे दरबार साहिब पहुंचने पर संगतों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया।

रास्ते में जगह-जगह पर संगत के स्वागत के लिए शबील, पानी, फल आदि लंगर की व्यवस्था की गई।

वहीं, देर शाम से ही दरबार साहिब परिसर में विशेष चहल-पहल रही। उत्तराखंड समेत पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व आसपास के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

प्रेम, स्नेह, सद्भाव, भाईचारा, मानवता का प्रतीक महोत्सव: श्रीमहंत

दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने कहा कि श्री झंडा महोत्सव प्रेम, स्नेह, सद्भाव, भाईचारा, मानवता, श्रद्धाभाव और अटूट आस्था का प्रतीक है।

यह मेला गुरु की कृपा और आशीर्वाद से सभी धर्मों, समुदायों और वर्गों के लोगों को एक सूत्र में पिरोता है।

गुरु महाराज की कृपा और संगतों की अपार श्रद्धा से यह पावन मेला हर वर्ष और अधिक भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक रूप में आयोजित होता है।

दो महीनों से तैयार किया जा रहा था नया ध्वजदंड

नये ध्वजदंड को तैयार करने में पिछले लगभग दो महीनों से कई कुशल कारीगर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटे थे।

ऐतिहासिक झंडेजी मेले की भव्य तैयारियों के बीच दरबार साहिब में संगतों के आगमन का क्रम लगातार तेज हो गया है। इस वर्ष नये झंडेजी के आरोहण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का वातावरण बना है।

मेला थाना और मेला अस्पताल शुरू

श्री दरबार साहिब प्रबंधन, श्री झंडा मेला आयोजन समिति के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बिंदाल, तालाब, राजा रोड, भंडारी बाग, पटेलनगर सहित दून की सभी प्रमुख धर्मशालाओं में संगत के ठहरने की व्यवस्था की है। 12 से अधिक छोटे-बड़े लंगर की भी व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था व स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत मेला थाना व श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल का मेला अस्पताल शुरू हो गया है।

दरबार साहिब के आसपास सज गईं दुकानें

झंडेजी मेले के लिए दरबार साहिब के आसपास 200 से अधिक दुकानें सज गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से कास्मेटिक, पूजा का सामान, क्राकरी, गिफ्ट आइटम, खिलौने, खाने-पीने की दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा दर्शनी गेट के पास विभिन्न तरह के झूले लगाए गए हैं।

दरबार साहिब से लेकर सहारनपुर चौक तक आज भी दुकानदारा प्रसाद व अन्य सामग्री की बिक्री करेंगे।

आज भी होगा गिलाफ सिलाई का कार्य

बीते गुरुवार से दरबार साहिब परिसर में सेवादार गिलाफ सिलाई कर रहे हैं। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। आज भी गिलाफ सिलाई का कार्य चलेगा। झंडेजी में तीन तरह के गिलाफ का आवरण होता है।

सबसे भीतर 41 सादे गिलाफ, मध्य भाग में 21 सनील के गिलाफ, जबकि सबसे बाहरी भाग में एक दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है। इस बार दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य देहरादून के व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को मिलेगा।