राज्य ब्यूरो, देहरादून

प्रदेश में अगले शैक्षिक सत्र से निजी स्कूलों पर लागू किए जाने वाले फीस एक्ट के मसौदे के निर्माण को शिक्षा महकमे ने आम जनता से सुझाव मांगे हैं। सुझाव ई-मेल या पत्र से भेजने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि अगले सत्र से हर हाल में फीस एक्ट लागू किया जाएगा।

प्रदेश के निजी स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए सरकार ने उत्तराखंड सेल्फ फाईनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल (रेग्युलेशन ऑफ फीस) एक्ट का खाका तैयार कर लिया है, लेकिन इस एक्ट को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। विभाग की ओर से एक्ट के प्रस्तावित मसौदे के मुताबिक सरकार प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर सेंकेंड्री की कक्षाओं का अधिकतम शुल्क निर्धारित करेगी। हर जिले में फीस निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति फीस को लेकर स्कूलों की आपत्तियों का निस्तारण करेगी। इस समिति का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। इसके निर्णयों के विरुद्ध राज्य स्तरीय अपीलीय प्राधिकरण में जा सकता है। छह सदस्य प्राधिकरण सचिव विद्यालयी शिक्षा की अध्यक्षता में गठित किया जाएगा। इस एक्ट में अधिक फीस वसूलने की शिकायत पर दंड का भी प्रावधान किया गया है।

फीस एक्ट को लेकर जन सुझाव माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में शिकायत एवं सुझाव प्रकोष्ठ में 15 दिन के भीतर भेजे जा सकेंगे। इसके लिए प्रकोष्ठ के ई-मेल के साथ ही पत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि फीस एक्ट को लेकर सरकार संजीदा है। विभिन्न राज्यों के फीस एक्ट का अध्ययन किया जा चुका है। प्रस्तावित एक्ट को व्यावहारिक बनाने के लिए आम जनता से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।

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Posted By: Jagran