जागरण संवाददाता, देहरादून: दून विश्वविद्यालय के कुलसचिव मंगलवार को भी ज्वाइन नहीं कर पाए। अपर मुख्य सचिव ने दून विवि की कार्यवाहक कुलपति को मंगलवार को पत्र लिखकर कुलसचिव को चार्ज देने को कहा था, लेकिन कुलपति प्रो. कुसुम मंगलवार से छुट्टी पर चली गई। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह का कहना है कि यदि विवि की कार्यवाहक कुलपति अवकाश पर हैं तो कुलसचिव एक पक्षीय ज्वाइनिंग करेंगे व इसकी जानकारी शासन को देनी होगी। बताया जा रहा है कि शासन कार्यवाहक कुलपति के रवैये से खफा है।

विदित हो कि दून विवि में कुलसचिव को चार्ज दिए बगैर कार्यवाहक कुलपति अवकाश पर चली गई हैं। जबकि अपर मुख्य सचिव ने कुलपति को दोबारा पत्र जारी कर कुलसचिव को चार्ज देने के आदेश जारी किए हैं। सरकार ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में तैनात सुधीर बुड़ाकोटी को दून विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया। सोमवार को बुड़ाकोटी चार्ज लेने दून विवि पहुंचे, लेकिन कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम ने दून विश्वविद्यालय अधिनियम का हवाला देकर उन्हें तैनाती नहीं दी। जिस पर कुलसचिव को बैरंग लौटना पड़ा। प्रो. कुसुम अरुणाचलम की ओर से कुलसचिव की तैनाती के तरीके का विरोध किया गया और उन्होंने राजभवन के साथ ही शासन को भी इससे अवगत करवा दिया। इधर, मंगलवार को सुधीर बुड़ाकोटी दोबारा चार्ज लेने विश्वविद्यालय जाते, उससे पहले ही कार्यवाहक कुलपति प्रो. अरुणाचलम छुट्टी पर चली गई। बताया जा रहा है कि वह अगले तीन दिन तक छुट्टी पर हैं। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने कुलपति को पत्र जारी किया, जिसमें उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कुलपति और कुलसचिव की नियमित नियुक्त होने तक शासन की ओर से सुधीर बुड़ाकोटी को रजिस्ट्रार पद पर तैनात किया गया है और उन्हें कार्यभार ग्रहण करवाकर शासन को भी अवगत कराएं। जब इस संबंध में अपर मुख्य सचिव से संपर्क कर कार्यवाहक कुलपति के अवकाश पर जाने की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि कुलसचिव एक पक्षीय ज्वाइनिंग कर इसकी सूचना शासन को दे सकते हैं। उधर, विवि की कार्यवाहक कुलपति की ओर से हाल ही में नियुक्ति किए गए कुलसचिव प्रो. एससी पुरोहित ने संपर्क करने पर बताया कि मंगलवार को कुलसचिव के पद पर ज्वाइन करने सुधीर बुड़ाकोटी दून विवि नहीं पंहुचे थे।

कार्यवाहक कुलपति घिरी हैं विवादों से

दून विवि की कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम विवादों से घिरी रही हैं। जिसके चलते उनकी ओर से आठ दिसंबर को बुलाई गई कार्य परिषद की बैठक को शासन ने स्थगित कर दिया था। अब यह बैठक 28 दिसंबर को प्रस्तावित है। विवि कई वित्तीय अनियमितताओं के कारण चर्चा में है। ऑडिट रिपोर्ट में भी वित्तीय अनियमिताएं की पुष्टि हुई है। अब कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर उनके अड़ियल रुख से इस बात की चर्चा है कि वह किसी की सह पर शासन से टकराव के रास्ते पर चल रही हैं।

'दून विश्वविद्यालय में शासन ने कुलसचिव की नियुक्ति के आदेश जारी किए है। सोमवार को विवि की कार्यवाहक कुलपति ने उन्हें ज्वाइन नहीं करवाया। मंगलवार को फिर से शासन की ओर से ज्वाइन करने के आदेश जारी किए है। कार्यवाहक कुलपति यदि अवकाश पर हैं तो कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी एक पक्षीय ज्वाइन कर इसकी जानकारी शासन को देंगे। '

-अपर मुख्य सचिव, डॉ. रणवीर सिंह

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'दून विवि में नए कुलसचिव की नियुक्ति के संबंध में मैंने पूरा मामला राजभवन और शासन को भेजा है। जहां तक मुझे जानकारी है विवि एक्ट के हिसाब से शासन स्तर पर सुधीर बुड़ाकोटी की नियुक्ति में नियमों की अनदेखी की गई। मंगलवार को दोबारा इस संबंध में अपर मुख्य सचिव का पत्र जैसी कोई जानकारी अभी तक मुझे नहीं है। मैं 15 दिसंबर तक बाहर हूं। 16 दिसंबर को ज्वाइन करने के बाद मामले में अपर मुख्य सचिव के पत्र को देख पाऊंगी।'

-प्रो.कुसुम अरुणाचलम, कार्यवाहक कुलपति, दून विवि

Posted By: Jagran

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