जागरण संवाददाता, देहरादून : अधूरी पेयजल योजनाओं से जल संस्थान के सामने 30 हजार लोगों की प्यास बुझाने की चुनौती खड़ी हो गई है। दो साल पहले जल संस्थान ने शहर व शहर से लगे इलाकों के लिए छह योजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं, जिनका बजट आज तक जल संस्थान को नहीं दिया गया।

जल संस्थान की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्तावों में तीन उत्तर शाखा के ग्रामीण क्षेत्र हैं। करीब चार करोड़ के यह प्रस्ताव दो साल से कागजों में धूल फांक रहे हैं। बजट मिलना तो दूर की बात अब तक यह स्वीकृत तक नहीं हो पाए हैं, जबकि उक्त क्षेत्र में पानी पहुंचाने के लिए जल संस्थान को टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही दो योजनाएं दक्षिण शाखा की है। करीब ढाई करोड़ की इन योजनाओं में जल संस्थान ने अब तक सिर्फ 20 लाख रुपये का बजट दिया है। इस बजट से जल संस्थान काम शुरू करना तो दूर की बात जरूरी सामग्री तक की खरीद नहीं कर पाया है। वहीं, एक अन्य प्रस्ताव दक्षिण शाखा के सालावाला का है, जहां पानी का संकट दूर करने के लिए नलकूप का निर्माण करना है। यह प्रस्ताव भी आज तक स्वीकृत नहीं हो पाया।

प्रस्तावित योजना

अनारवाला पेयजल योजना-205 लाख

कुठालगेट पेयजल योजना-126 लाख

कुठाल गांव पेयजल योजना-75 लाख

सालावाला नलकूप-123 लाख

स्वीकृत योजना

योजना कुल बजट मिला

लक्ष्मण भारती स्कूल-77-10 लाख रुपये

कर्जन रोड तिराहा-177-10 लाख रुपये

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'योजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। जैसे ही बजट आएगा तुरंत योजनाओं का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।'

-एससी जुयाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान

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