राज्य ब्यूरो, देहरादून: अब एक वर्ष बाद प्रदेश सरकार की '13 जिले, 13 नए पर्यटक स्थल' योजना अब धीरे-धीरे अंजाम की ओर पहुंच रही है। सभी जिलों से अब शासन को इन स्थलों का सर्वे और फिजिबिलिटी का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। शासन में इनका अध्ययन कर लिया गया है और आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत कर इन्हें विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

कैबिनेट ने बीते वर्ष '13 जिले, 13 नए पर्यटक स्थल' योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत राज्य में पर्यटन विकास के मद्देनजर नवीन पर्यटक स्थल को थीम के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इनमें अल्मोड़ा के सूर्य मंदिर कटारमल को आध्यात्म, नैनीताल, मुक्तेश्वर को हिमालय दर्शन, पौड़ी, सतुपली व खैरासैंण को वाटर स्पो‌र्ट्स, देहरादून, लाखामंडल को धार्मिक पर्यटन (महाभारत सर्किट), हरिद्वार, बावन शक्ति पीठ पर थीम पार्क बनाने, उत्तरकाशी, मोरी हरकीदून व जखोल को पर्यटन, टिहरी, टिहरी झील को वाटर स्पो‌र्ट्स, रुद्रप्रयाग, चिरबटिया को इको टूरिज्म, ऊधमसिंहनगर, द्रोण सागर सहित हरिपुरा बौर जलाशय, को जलक्रीड़ा व हॉलीडे, चंपावत, पाटी देवीधुरा को पर्यटन, बागेश्वर, गरुड़ वैली को हिमालय दर्शन व टी टूरिज्म, पिथौरागढ़, मोस्टमानो को इको टूरिज्म और चमोली के गोरसौं को एडवेंचर व इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। एक वर्ष तक किए गए विस्तृत अध्ययन के बाद सभी जिलों ने इनकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करा दी है। इनमें से तकरीबन सभी को उपलब्ध कराई गई थीम पर विकसित करने पर सहमति जताई गई है।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने जिलों से रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

Posted By: Jagran

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