जागरण संवाददाता, चम्पावत : टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग में ऑलवेदर रोड के तहत चल रही कटिंग में एक और प्राइमरी स्कूल खतरे की जद में आ गया है। प्राइमरी स्कूल धौंन के बाद प्रावि स्वाला भी खतरे की जद में आ गया है। स्कूल की भूमि में लंबी दरार आ गई है। जिस कारण भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। जिससे बच्चों की जान को खतरा है। सोमवार को बीईओ ने एहतियातन बच्चों को राइंका स्वाला के एक भवन में शिफ्ट कर दिया है। साथ ही इसकी सूचना ऑलवेदर रोड पर कार्य कर रही कंपनी को भी दी है।

गौरतलब है कि ऑल वेदर रोड में चल रही कटिंग के चलते जगह-जगह पहाड़ी में भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। बीते साल इसी भूस्खलन में प्राइमरी विद्यालय धौंन व धौंन की एपीएचसी भी खतरे की जद में आ गई थी। कार्यदायी कंपनी शिवालया ने बमुश्किल सुरक्षा दीवार देकर खतरे को कम किया। वहीं इस बारिश में धौंन के पास पहाड़ी में हुए भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग चार दिन बंद रहा। ऐसे कई स्थान हैं जहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसी भूस्खलन के दायरे में प्राइमरी विद्यालय स्वाला भी आ गया है। स्कूल की मिडे डे मील रसोई के भवन के किनारे मोटी दरार आ गई है। दरार देख लग रहा है कि जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है। दरार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे बच्चों की जान को हमेशा खतरा बना हुआ है। बहरहाल सोमवार को स्कूल पहुंचे बीईओ अंशुल बिष्ट ने एहतियातन बच्चों को राजकीय इंटर कॉलेज स्वाला के भवन में शिफ्ट कर दिया। जिससे बच्चों को कोई दिक्कत न हो। बिष्ट ने बताया कि स्कूल की भूमि में काफी दरार आ गई है। जिससे जमीन के भूस्खलन होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बच्चों को जीआइसी के एक कमरे में शिफ्ट कर दिया है। साथ ही भूमि की सुरक्षा के लिए कार्यदायी कंपनी शिवालया को सूचित कर दिया गया है।

Posted By: Jagran

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