संवाद सहयोगी, टनकपुर : परिजनों के साथ मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को पैदल जा रही एक बच्ची का नदी में पांव फिसल गई। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

शुक्रवार को रामनगर डीबाई बुलंदशहर यूपी से अपनी मां व भाइयों के साथ दस वर्षीय बच्ची कोमल पुत्री यशपाल मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को आए थे। यह लोग बस से उतरकर टनकपुर से शारदा घाट में स्नान कर पैदल ही शारदा नदी के किनारे-किनारे मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को जा रहे थे। इस बीच उचौलीगोठ गांव में पास खाना खा रहे थे। तभी खाना खाने के बाद कोमल पास ही शारदा नदी में पानी पीने गई। जहां एकाएक उसका पांव फिसल गया। जिससे वह नदी के तेज बहाव में बहने लगी। बचाव के लिए परिजनों द्वारा शोर किया गया। तभी परिवार का ममेरे भाई रामू ने नदी में बचाव के लिए कूद मार दी। जैसे-तैसे उसने अपने को बचाते हुए कोमल को भी बाहर निकाला। बाद में पूर्णागिरि को जा रही टैक्सी चालक ने सवारियों को उतारकर बेसुध पड़ी बच्ची को परिजनों के साथ संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। जहां डॉक्टर मानवेन्द्र शुक्ला ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन मां के दर्शन किए बिना ही शव को घर ले गए। इधर परिजनों ने बताया कि वह एक भाई-बहन में मझली थी। जो चौथी कक्षा में पढ़ रही थी। ========

मेले में नही पहुंची है तैराक पुलिस टीम

इस बार चुनाव के मद्देनजर बाहरी जिलों से काफी कम संख्या में पुलिस फोर्स पहुंचा है। जबकि बाहर से एक भी तैराक टीम नहीं पहुंची है। जिस क्षेत्र में घटना घटी है उस क्षेत्र में एक ही तैराक पुलिस कर्मी तैनात है। वहीं शारदा घाट में मात्र दो तैराक पुलिस कर्मी ही तैनात है। जबकि शारदा नदी के काफी लंबे दायरे तक श्रद्धालु इस समय भारी संख्या में स्नान के लिए पहुंच रहे है। गत वर्ष डेढ़ दर्जन से अधिक पुलिस टीम नदी के किनारे तैनात की गई थी।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप