चंपावत चरस तस्करी मामले में दो दोषियों को 10 और 9 साल की कठोर सजा
चंपावत में टनकपुर-चंपावत मार्ग पर चरस तस्करी के मामले में दो आरोपियों गोविंद सिंह और सुंदर सिंह को विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है।


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जागरण संवाददाता, चंपावत। टनकपुर-चंपावत मार्ग पर किरोड़ा नाले के पास चरस के साथ पकड़े गए दो आरोपितों को विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) अनुज कुमार संगल की अदालत ने दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दिगालीचौड़ निवासी गोविंद सिंह को 10 वर्ष और सुंदर सिंह को नौ वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया है। अदालत ने गोविंद सिंह पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, सुंदर सिंह को 90 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे नौ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अभियोजन के अनुसार, सितंबर 2022 में पुलिस टीम टनकपुर-चंपावत मार्ग पर किरोड़ा नाले के पास चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान पैदल आ रहे दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की और दोनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर सुंदर सिंह के कब्जे से 900 ग्राम और गोविंद सिंह के पास से 980 ग्राम चरस बरामद हुई थी।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी पंजीकृत किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। इसके बाद दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
