संवाद सूत्र, नारायणबगड़: राजकीय इंटर कालेज के मैदान में आयोजित उत्तरायणी सांस्कृतिक मेले के अंतिम दिन स्थानीय लोक कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी व फिल्मी गीतों की प्रस्तुति से समा बांधा। इस दौरान गरीबों को ठंड से बचने के लिए कंबल भी बांटी गई। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक मुन्नी देवी शाह ने उत्तरायणी मेले के सफल आयोजन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेलों के माध्यम से ही यहां की लोक संस्कृति बची हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर भी कलाकार बेहतर ढंग से मंचन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेले मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि हमारी परंपराओं से रूबरू होने का माध्यम साबित हुए हैं। इसलिए मेलों में आज भी जनता का जुड़ाव है। लोग इन आयोजन में शामिल होने के लिए घरों को लौट रहे हैं। उत्तरायणी सांस्कृतिक मेले के अंतिम दिन महिला मंगल दल मनोडा, केवर, भगोती, पालछुनी की महिलाओं ने चाछड़ी सहित गांवों में आयोजित होने वाले लोक गायन व नृत्य प्रस्तुत किए। लोक गायक सुनील ने आय लछी घौर रूमूक पडीगे, लोक गायक दिनेश नेगी ने जय मां अंबे जगदंबे और प्रेम पुरोहित ने हिट दगडया अपूणो पिंडर. गीत से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया। महक सती, कतिका सलामी, रोहित नेगी, सपना तमन्ना का नृत्य सराहनीय रहा। हास्य कलाकार सुरेंद्र कमांडर व मृत्युंजय परिहार ने भी लोगों को खूब हंसने के लिए मजबूर किया। मेला आयोजन समिति ने निर्धन लोगों को कंबल व गर्म कपड़े वितरित किए। क्षेत्र के मेधावी छात्र हिमांशु सती, अभिराज नेगी, अनुष्का को भी मंच से सम्मानित किया गया, जबकि सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में सुधांशु नैनवाल प्रथम, कुर्सी दौड़ बालिका वर्ग में पीहू प्रथम व बालक वर्ग में प्रियांशू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख अंशी नेगी, अध्यक्ष नगर पंचायत थराली दीपा भारती, रणजीत ¨सह नेगी, आनंद ¨सह रावत, नरेंद्र भारती, मेला कमेटी संरक्षक यशपाल नेगी, अध्यक्ष दलीप नेगी, विनोद मलेठा, दरवान ¨सह, संदीप पटवाल, महेशा नंद चंदोला, गीता देवी, रेखा नेगी आदि ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन मुकेश सती ने किया।