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एक साल में दूसरी बार भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र, जुड़ा नया अध्याय

Published: Wed, 28 Oct 2026 02:54 PM (IST)

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र शुरू हो गया है, जो एक साल में दूसरी बार आयोजित हो ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार से विधानसभा सत्र शुरू हो गया। इसके साथ ही यहां एक साल के भीतर दूसरी बार विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले इसी साल मार्च में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किया गया था।

वर्ष 2014 में गैरसैंण में विधानसभा सत्रों की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है, जब एक ही साल में दो बार यहां सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। गैरसैंण में वर्ष 2014 में पहली बार तीन दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा वर्ष 2017 में दो दिवसीय सत्र हुआ। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक चली, जबकि वर्ष 2019 में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ।

वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक भराड़ीसैंण में छह दिवसीय बजट सत्र चला। वर्ष 2022 में यहां विधानसभा सत्र नहीं हुआ। वर्ष 2023 में चार दिन और 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में गैरसैंण में बजट और मानसून सत्र हुए। वहीं, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में दूसरी बार विधानसभा की कार्यवाही संचालित हो रही है।

गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, विकास की जरूरतों और स्थानीय जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एक ही वर्ष में दो बार सत्र का आयोजन गैरसैंण को राज्य की विधायी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, जनअपेक्षाओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिले। गैरसैंण की भूमिका को सशक्त बनाना और पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास को गति देना हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप विकास और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

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