ग्रामोत्थान परियोजना से सपनों को लगे पंख... पहाड़ की उपज से चमोली की अनिता कमा रही हजारों
मुख्यमंत्री धामी के संकल्प के अनुरूप, ग्रामोत्थान परियोजना के तहत चमोली की अनिता देवी ने स्थानीय उत्पादों से माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर स्वरोजगार प्राप्त किया है।

HighLights
अनिता देवी ने माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की
स्थानीय उत्पादों से जूस, जैम, अचार बनाती हैं
प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपये की आय अर्जित करती हैं
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने तथा स्थानीय संसाधनों को आजीविका का माध्यम बनाने के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के सहयोग से विकासखंड नंदानगर की ग्राम पंचायत पूर्णकिला निवासी अनिता देवी ने माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर माल्टा, आंवला और बुरांश जैसे स्थानीय उत्पादों से जूस, जैम, अचार सहित विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार करते हुए गांव में ही स्वरोजगार की राह बनाई है और वर्तमान में इससे प्रतिमाह लगभग 15 हजार की आय अर्जित कर रही हैं।
माइक्रो फूड प्रोसेसिंग
अनिता देवी गंगा महिला ग्राम संगठन के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं तथा नंदादेवी स्वायत्त सहकारिता की सदस्य हैं। क्षेत्र में माल्टा, आंवला और बुरांश जैसे स्थानीय उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता तथा इनके प्रसंस्कृत उत्पादों की बाजार में मांग को देखते हुए उन्होंने माइक्रो फूड प्रोसेसिंग को अपने व्यक्तिगत उद्यम के रूप में अपनाया।
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ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्थानीय जरूरत और बाजार की संभावनाओं के अनुरूप व्यक्तिगत उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
लाभार्थी अपनी सहकारिता (सीएलएफ) के माध्यम से आवेदन करती हैं और चयन के उपरांत परियोजना द्वारा व्यवसाय के अनुरूप एक लाख से तीन लाख तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें 30 हजार से 75 हजार तक परियोजना अनुदान (सब्सिडी), 50 हजार से 1.50 लाख तक बैंक ऋण तथा 20 हजार से 50 हजार तक लाभार्थी का स्वयं का अंश,व्यक्तिगत व्यय शामिल है।
इसी प्रक्रिया के तहत अनिता देवी का चयन माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यम के लिए किया गया। परियोजना से प्राप्त सहयोग एवं मार्गदर्शन से उन्होंने अपनी यूनिट स्थापित की और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल एवं अन्य उत्पादों का प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करना शुरू किया।
अनिता देवी द्वारा तैयार किए जा रहे माल्टा, आंवला और बुरांश आधारित उत्पादों के साथ जूस, जैम, अचार आदि को स्थानीय बाजार में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने के साथ ही अनिता देवी को अपने गांव में रहकर नियमित आमदनी का जरिया मिला है।
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अपने उद्यम के माध्यम से अनिता देवी ने स्वयं के लिए रोजगार का अवसर सृजित करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी कार्य से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया है। उनका कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। उद्यम शुरू करने के बाद उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और अब वह अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ना चाहती हैं।
