क्या है किशाऊ बांध परियोजना? सीएम धामी के जन्मदिन पर मिली सौगात... छह राज्यों को आठ दशक से था इतंजार
किशाऊ बांध परियोजना पर आठ दशक का इंतजार खत्म हुआ, जिससे उत्तराखंड को 422 मेगावाट बिजली क्षमता में 50% हिस्सेदारी मिलेगी और बिजली संकट से राहत मिलेगी।

422 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना में उत्तराखंड की बिजली में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी.

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। किशाऊ बांध परियोजना पर आठ दशक का इंतजार खत्म होने से मंगलवार छह राज्यों को बड़ी राहत मिली। वहीं उत्तराखंड को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के मौके पर रोशनी की ऐसी सौगात मिली है, जिससे राज्य को बिजली संकट से निजात तो मिलेगी ही, साथ में उद्योगों एवं कृषि क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकेंगी।
उत्तराखंड के लिए किशाऊ परियोज अत्यंत महत्वपूर्ण इस मायने में भी कि बांध टोंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा पर बनेगा। दोनों राज्य परियोजना में भागीदार छह राज्यों में शामिल हैं। राज्य को परियोजना के बिजली घटक से लाभ मिलेगा।
जल प्रबंधन होगा मजबूत
इसके अलावा यमुना बेसिन में जल प्रबंधन मजबूत होने से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी व्यापक क्षेत्रीय लाभ मिलेगा। उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ा राहत वाला पहलू यह है कि जल घटक की लागत में राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं आएगा।
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राज्य को कुल 1476 मिलियन यूनिट बिजली का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलना प्रस्तावित है। इससे राज्य को हर वर्ष बढ़ रहे बिजली की मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से गर्मियों में प्रदेश में बिजली आपूर्ति में सुधार दिखाई देगा।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इसे उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री लगातार इस परियोजना को लेकर केंद्र सरकार में पैरवी करते रहे हैं। बीते जून माह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में धामी ने उत्तराखंड का पक्ष प्रमुखता से रखा। इसके बाद छह राज्यों के बीच परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
खास बात यह है कि प्रदेश को ऊर्जा संकट से राहत दिलाने को छह राज्यों के बीच यह महत्वपूर्ण समझौता मंगलवार को मुख्यमंत्री के जन्मदिन से एक दिन पहले हुआ। नई डीपीआर ने परियोजना की तस्वीर काफी बदल दी है। बांध की ऊंचाई घटाकर 232.6 मीटर की गई है, लेकिन जलाशय की जीवंत भंडारण क्षमता बढ़ाकर 1561.91 एमसीएम कर दी गई है।
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किशाऊ के आंकड़े एक नजर में
- बांध की ऊंचाई : 232.6 मीटर
- जल भंडारण क्षमता : 1561.91 एमसीएम
- अतिरिक्त भंडारण : 237.81 एमसीएम
- स्थापित बिजली क्षमता : 422 मेगावाट
- औसत वार्षिक बिजली उत्पादन : 1476 मिलियन यूनिट
- प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र : लगभग 97,076 हेक्टेयर
