संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए थराली की विधायक मुन्नी देवी की ओर से जारी एक पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में ऑक्सीमीटर व विधायक निधि से आवंटित धनराशि को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे। खरीद में कालाबाजारी को बढ़ावा देने के भी आरोप लग रहे हैं। साथ ही प्रति ऑक्सीमीटर के तीन हजार रुपये से अधिक दर्शाए गए दाम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

थराली विधानसभा की विधायक मुन्नी देवी की ओर से कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए अन्य विधायकों की तरह ही स्वास्थ्य महकमे को विधायक निधि से 30 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इसके लिए विधायक ने मुख्य विकास अधिकारी चमोली को पत्र लिखकर एक एंबुलेंस सहित अन्य नौ उपकरण की खरीद करने के लिए विधायक निधि से धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए थे। इस सूची में सामग्री की मात्रा व आवंटित धनराशि भी दर्ज है, जिसमें 150 ऑक्सीमीटर की खरीद के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि आवंटित दर्शाई गई है, जिसके अनुसार ऑक्सीमीटर की कीमत 3333 रुपये होने की बात कही जा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब 1250 रुपये की दर से ऑक्सीमीटर खरीद के आदेश दिए गए हैं। मामले को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामले में विधायक मुन्नी देवी का कहना है कि थराली विधानसभा के घाट, थराली व नारायणबगड़ चिकित्सालय में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए उपकरणों की खरीद के लिए 30 लाख रुपये की धनराशि विधायक निधि से आवंटित की गई है। उपकरण की खरीद जानकार व्यक्तियों के परामर्श से स्वास्थ्य विभाग को करनी है। मामले में उपकरणों की दर व गुणवत्ता के विषय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।