भारी बोल्डरों ने रोकी भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे की राह, खोलने में जुटा बीआरओ
उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे पर मलारी से तीन किलोमीटर पहले भारी भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क अवरुद्ध हो गई और सीमांत क्षेत्र का संपर्क कट गया।
HighLights
ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे पर भारी भूस्खलन
मलारी से तीन किमी पहले सड़क अवरुद्ध
बीआरओ युद्ध स्तर पर मार्ग खोलने में जुटा
संवाद सहयोगी, जागरण। भारत चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ - मलारी नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला।
मलारी से महज तीन किलोमीटर पहले एक विशाल पहाड़ी का हिस्सा अचानक टूटकर सड़क पर आ गिरा। इस भूस्खलन के कारण सीमांत क्षेत्र का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। भारी मलबे और विशालकाय बोल्डरों ने सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।
भारी मशीन और मजदूर मौके पर तैनात
घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की टीम हरकत में आई। सामरिक महत्व का मार्ग होने के कारण बीआरओ के अधिकारियों ने बिना समय गंवाए भारी मशीनों और मजदूरों को मौके पर तैनात कर दिया है।
बीआरओ के मेजर विवेक सोनी ने स्थिति की गंभीरता पर जानकारी देते हुए बताया कि पहाड़ी से गिरे बोल्डर इतने विशाल हैं कि उन्हें सीधे हटाना संभव नहीं है।
मशीनों के जरिए चट्टानों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। कहा कि हम युद्ध स्तर पर मार्ग सुचारू करने में जुटे हैं और पूरी उम्मीद है कि जल्दी ही यातायात को सुचारु कर दिया जाएगा। सड़क के दोनों ओर से मशीनें तैनात की गई हैं।
