हेमकुंड साहिब के कपाट आज होंगे बंद, 4000 श्रद्धालु बनेंगे ऐतिहासिक पल के साक्षी
हेमकुंड साहिब और लोकपाल तीर्थ के कपाट शनिवार दोपहर दो बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे, जिसमें 4,000 से अधिक श्रद्धालु साक्षी बनेंगे।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। हेमकुंड साहिब व लोकपाल तीर्थ के कपाट शनिवार को दोपहर दो बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस मौके को यादगार बनाने के लिए सेना बैंड के साथ ही रागी बंधु व 4,000 से अधिक श्रद्धालु घांघरिया पहुंच चुके हैं। इनमें पाकिस्तान से पहुंचा श्रद्धालुओं का 40 सदस्यीय जत्था भी शामिल है।
हेमकुंड साहिब में बर्फ की एक फीट मोटी चादर बिछ चुकी है। अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब के बीच तीन किमी हिस्से में पैदल मार्ग भी बर्फ से लकदक है, जिसे हटाने का कार्य चल रहा है। वहीं, वर्षा व बर्फबारी के चलते शुक्रवार को 340 श्रद्धालु ही हेमकुंड भेजे गए। बाकी को घांघरिया में ही रोक दिया गया।
23 मई खोले गए थे कपाट
मौसम के बदले मिजाज के बीच भी हेमकुंड घाटी ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान है। इस साल हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई खोले गए थे और अब तक 3.80 लाख श्रद्धालु यहां मत्था टेक चुके हैं।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट बंद होने के उत्सव में शामिल होने के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के साथ ही विदेश से भी श्रद्धालु घांघरिय पहुंच चुके हैं।
ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि पाकिस्तान के पेशावर से भी जत्थेदार पापेंद्र सिंह के नेतृत्व में 40 श्रद्धालु आए हुए हैं। सभी में बर्फबारी को लेकर खासा उत्साह है। बताया कि घांघरिया से श्रद्धालुओं के जत्थे शनिवार तड़के हेमकुंड के लिए रवाना किए जाएंगे।
आज के कार्यक्रम
- सुबह पांच बजे : घांघरिया से हेमकुंड के रवाना
- सुबह आठ बजे : हेमकुंड साहिब पहुंचे श्रद्धालु
- सुबह 10 बजे : सुखमणी साहिब का पाठ
- सुबह 11:20 बजे : शबद-कीर्तन
- दोपहर 12:30 बजे : इस यात्राकाल की अंतिम अरदास
- दोपहर एक बजे : हुक्मनामा लेकर गुरु ग्रंथ साहिब को दीवान हाल से पंज प्यारों की अगुआई में सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच सचखंड साहिब में किया जाएगा शोभित
- दोपहर दो बजे : बंद किए जाएंगे धाम के कपाट
