जागरण संवाददाता, रुड़की: आइआइटी रुड़की के कॉग्निजेंस के फर्जी पास बेचते दो युवक मिले। संस्थान के सुरक्षा कर्मचारियों ने पाया कि दोनों युवक मेन गेट के बाहर फर्जी पास बनाकर एक-एक हजार रुपये में बेच रहे हैं। काफी डांट फटकार के बाद सुरक्षा में लगे कर्मियों ने उन्हें उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया।

संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कॉग्निजेंस में सांस्कृतिक संध्या में कॉमेडियन, गायक और डीजे आदि प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए संस्थान और इसमें हिस्सा लेने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आने वाले छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं शहर के युवा भी इन कार्यक्रमों को लेकर खास तौर से उत्साहित हैं। कुछ लोगों की ओर से फर्जी पास बनवाकर इसमें प्रवेश करने का प्रयास किया गया। शनिवार को भी दो युवक आइआइटी के मेन गेट के बाहर फर्जी पास बेच रहे थे। संस्थान के छात्रों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने पता लगाने के लिए फर्जी पास के लिए इन युवकों से संपर्क किया। इन दोनों युवकों ने बताया कि वे एक हजार रुपये में एक पास उन्हें उपलब्ध करवा सकते हैं। इस पर छात्रों ने उनकी बात मान ली और उन्हें गेट के बाहर पास खरीदने की बात कही। छात्रों ने संस्थान के सुरक्षा विभाग को भी इस संबंध में सूचित कर दिया। जब छात्र दोनो युवकों से फर्जी पास लेने गए तो सुरक्षा कर्मचारियों ने इन्हें पकड़ लिया। जब उनसे सख्ती से पूछताछ किया गया तो युवकों ने बताया कि उन्होंने मालवीय चौक के समीप स्थित एक साइबर कैफे से ये कार्ड आठ सौ रुपये में बनवाए हैं। सुरक्षा कर्मचारियों ने दोनों युवकों को खूब फटकार लगाई। साथ ही उनके माता-पिता को बुलवाया और उनके बच्चों की इस हरकत के बारे में बताया। माफी मांगने के बाद दोनों युवकों को छोड़ दिया गया।

Posted By: Jagran

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