संवाद सूत्र, कर्णप्रयाग: जनपद चमोली के नारायणबगड़ में मंगलवार को नंदादेवी अन्नपूर्णा मठ पैतोली में नंदा महोत्सव के दौरान उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब जिला योजना से तैयार धर्मशाला के लोकार्पण को लेकर थराली विधायक मुन्नी देवी शाह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत आमने-सामने आ गए। आरोप है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने विधायक के नाम का शिलापट तोड़ दिया। इस घटना से लोग हैरान रह गए।

दरअसल मंगलवार को नंदाअष्टमी के अवसर पर नंदादेवी अन्नपूर्णा मठ पैतोली में आयोजित नंदामहोत्सव में आयोजनकर्ताओं की ओर से थराली विधायक मुन्नी देवी शाह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत को बुलावा था। इस दौरान कार्यक्रम में पहले पहुंची विधायक मुन्नी देवी शाह ने नवनिर्मित धर्मशाला का विधिवत लोकार्पण कर दिया। लेकिन तभी वहां पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत की नजर जैसे ही लोकार्पण किए शिलापट पर लिखे विधायक के नाम पर पड़ी तो वे गुस्से में आ गए और शिलापट को नीचे लटका दिया, जिसे देख मौजूद जनता हैरान नजर आई।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि 2020 में जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने जिला योजना से अन्नपूर्णा मठ पैतोली में धर्मशाला के निर्माण की पैरवी की और जिसका निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग ने किया और अब थराली विधायक उनके कार्य को अपनी उपलब्धि बताकर अपने नाम से लोकार्पण कर रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के विकास कार्यों को जबरन अपने नाम करने के लिए विधायक अधिकारियों पर दबाव डाल रही हैं।

---------

वर्ष 2020-2021 में उन्होंने पर्यटन विभाग को धर्मशाला निर्माण संबंधी प्रस्ताव दिया था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कार्य पूरा किया और शिलापट पर विधायक का नाम लिखाया गया, जबकि लोकार्पण का कार्यक्रम सरकारी नहीं था। धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

लक्ष्मण सिंह रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष

-------------

जिला योजना के तहत धर्मशाला निर्माण के लिए धनराशि मैंने स्वीकृत कराई थी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष को इस तरह का कृत्य करने का कोई अधिकार नहीं है। शिलापट तोड़ने पर प्रधान, क्षेत्र पंचायत व कार्यदायी संस्था की ओर से इस संबध में एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

मुन्नी देवी शाह, विधायक थराली

Edited By: Jagran