- हालांकि यात्रा मार्ग पर अभी भी सुचारू नहीं हो पाई हैं यात्रा व्यवस्थाएं

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: कोरोना के चलते ठप पड़ी हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने से भ्यूंडार घाटी में रौनक लौट आई है। हालांकि अभी हेमकुंड यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। गोविदघाट से हेमकुंड तक रास्ते में पानी, शौचालय और सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं है। वहीं हेमकुंड के बेस कैंप घांघरिया में पर्याप्त ठहरने और खाने की व्यवस्था है। यहां दूरसंचार, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधा उपलब्ध हैं।

हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए दिल्ली के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी दिलराज सिंह पन्नू का कहना है कि कोरोना के चलते लंबे समय से लोग घरों तक ही सीमित रह गए थे। अब यात्रा खुली तो वे हेमकुंड में मत्था टेकने पहुंचे हैं। कहा कि साफ मौसम और हरियाली के बीच यात्रा किसी यादगार पल से कम नहीं है। दिल्ली से आए संदीप सिंह भी उन श्रद्धालुओं में शामिल हैं, जिन्होंने कपाट खुलने के दिन हेमकुंड में मत्था टेका। बताया कि यहां आकर उन्हें सुकून मिला है। पंजाब के बटिडा निवासी शेर सिंह कहते हैं, पहले तो यहां आने तक सड़क मार्ग संकरा था, लेकिन अब सड़क मार्ग बेहतर बन गया है। हालांकि अभी कई जगहों पर भूस्खलन से खतरा भी है। सरकार को सड़क मार्ग को बेहतर और सुरक्षित बनाना चाहिए। हेमकुंड साहिब मार्ग पर शुद्ध पेयजल के लिए लगाए गए नलों में पानी नहीं है। हालांकि यात्रा पड़ाव घांघरिया में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं अमृतसर से आए परमजीत सिंह कहते हैं, हेमकुंड पैदल मार्ग पर पानी और शौचालय की व्यवस्था जल्द की जानी चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। मोहाली से आए दर्शन सिंह का कहना है कि इस यात्रा में प्रकृति को करीब से जानने का अवसर मिलता है। हेमकुंड गुरुद्वारा प्रबंधक गुरनाम सिंह का कहना है कि प्रशासन यात्रा रूट पर व्यवस्थाएं जुटाने में लगा है। जल्द ही यात्रियों की परेशानी दूर हो जाएगी।

Edited By: Jagran