विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Badrinath दान चढ़ावा चोरी का मामला, मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल आज हो सकते हैं जमानत पर रिहा

Published: Sat, 07 Nov 2026 08:57 AM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 09:01 AM (IST)

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें शनिवार को ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। बदरीनाथ मंदिर के दान चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुख्य आरोपित निलंबित प्रोटोकाल अधिकारी प्रमोद नौटियाल की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होंने के बाद जिला कारागार पुरसाडी से शनिवार को रिहाई की उम्मीद है।

गौरतलब है कि छः नवंबर को हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ ने जमानत आवेदन स्वीकार करते हुए आरोपित को व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि के दो जमानतियों के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। आरोपित मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को धमका या प्रभावित नहीं करेगा, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, जांच और सुनवाई में सहयोग करेगा तथा अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष जमानत निरस्त कराने की मांग कर सकेगा।

ये हैं घटनाक्रम

मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई नकदी, सोने-चांदी के सिक्कों और अन्य भेंट सामग्री की गणना के दौरान हेराफेरी को लेकर जांच में मंदिर समिति के तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी प्रमोद नौटियाल, सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान व विष्णु प्रयाग जल विद्युत परियोजना के सुरक्षा कर्मी मनोज कुमार के नाम सामने आया था।

विष्णु प्रयाग जल विद्युत परियोजना के सुरक्षा कर्मी की जमानत पहले ही हो चुकी है। पूर्व मंदिर अधिकारी की जमानत अभी नहीं हुई है। एसआईटी की जांच में आरोप लगाया गया कि मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट तक हटाए गए।

सीसीटीवी फुटेज में 22, 25 जून सहित अन्य दिनों गणना के दौरान इन अधिकारियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात पुलिस ने कही। जांच में प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया।

कब क्या हुआ?

  • दो जुलाई 2026: मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आया।
  • तीन जुलाई: शिकायत के बाद मंदिर समिति ने जांच शुरू की तथा प्रोटोकाल अधिकारी प्रमोद नौटियाल को नोटिस दिया।
  • छः जुलाई: प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। शासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की।
  • आठ जुलाई: बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज हुई। एसआईटी का गठन।
  • 12 जुलाई: एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया।
  • 17 जुलाई: सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया।
  • 25 जुलाई: जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।
  • नौ अक्टूबर: एसआईटी ने लगभग एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 50 गवाह शामिल किए गए। अदालत ने तीन आरोपियों के विरुद्ध संज्ञान लिया।

यह भी पढ़ें- बदरीनाथ चढ़ावा चोरी के आरोपी प्रमोद नौटियाल को हाई कोर्ट से मिली सशर्त जमानत

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।